बलिया। शासन यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा की व्यवस्था को चाक चौबंद करने में लगा है। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के बाद अब पेपर लीक होने की घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर पेपरों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की तैयारी है। इसके लिए पेपर रखने के ट्रेजरी की तर्क पर डबल लॉक स्ट्रांग रूम सिस्टम लागू किया है।
हाईस्कूल व इंटर की बोर्ड परीक्षा की तारीखों का एलान 10 मार्च बाद हो सकता है। जिले में यूपी बोर्ड के 607 विद्यालय हैं, जिनके हाईस्कूल व इंटर के 140780 से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। बोर्ड परीक्षा के लिए 211 केंद्र बनाए गए हैं। सभी आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस है।
शासन का ध्यान परीक्षा के प्रश्नपत्र व उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा पर केंद्रित हैं, ताकि पेपर लीक होने या उत्तर पुस्तिकाओं की बदलने की कोई घटना न हो। इसके लिए परीक्षा केंद्र पर पेपर व कापियों की सुरक्षा के लिए मानक तय किए गए हैं। डीआईओएस डॉ. ब्रजेश मिश्रा ने बताया कि शासन के निर्देश विद्यालयों को भेज दिए हैं। निर्देश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए केंद्रों का निरीक्षण कराया जाएगा।
डीआईओएस डॉ. ब्रजेश मिश्रा ने बताया कि हर केंद्र पर केंद्र व्यवस्थापक के अतिरिक्त बाह्य केंद्र व्यवस्थापक रहता है। बाह्य केंद्र व्यवस्थापक राजकीय इंटर कालेज का प्रधानाचार्य व शिक्षक होगा। परीक्षा केंद्रों पर पेपर्स व उत्तर पुस्तिका डबल लॉक स्ट्रांग रूम में रहेंगी, जिसकी एक चाबी केंद्र व्यवस्थापक तथा दूसरी चाबी बाह्य केंद्र व्यवस्थापक के पास रहेगी। इसके साथ ही केंद्रों पर पेपर्स व कापी पहुंचने के साथ ही सीसीटीवी कैमरे निगरानी के लिए 24 घंटे चालू रहेंगे। स्ट्रांग रूम की निगरानी जिला कंट्रोल रूम से होगी।
सीबीएसई : प्रयोगात्मक परीक्षा की सख्त हुई व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
बलिया। सीबीएसई की प्रयोगात्मक परीक्षाएं दो मार्च से शुरू हो गई हैं। बोर्ड ने इस बार प्रयोगात्मक परीक्षा में व्यवस्था को पूरी तरह कस दिया है। विद्यालय बिना बाहरी परीक्षक के इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं ले सकेंगे। विद्यालयों को प्रयोगात्मक परीक्षा में लैब का जियो टेक फोटो प्रयोगात्मक परीक्षा के दिन अपलोड करना अनिवार्य है। जिले में सीबीएसई के 45 विद्यालय हैं, जिनके दसवीं व बारहवीं के करीब 10 हजार विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं। कोरोना के बाद परीक्षा आफलाइन हो रही है। दसवीं की आंतरिक परीक्षा है, जिसमें विद्यालय के शिक्षक ही परीक्षक होंगे। बारहवीं की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए बोर्ड ने बाह्य परीक्षक नियुक्त किए हैं। आंतरिक परीक्षक विद्यालय नियुक्त करेगा।
प्रयोगात्मक परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए बोर्ड ने ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं। अब तक विद्यालय इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षा आंतरिक परीक्षक से करा लेते थे, लेकिन इस बार बोर्ड ने व्यवस्था बदल दी है। सीबीएसई स्कूल मैनेजर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष हर्ष श्रीवास्तव के अनुसार इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षा बाह्य परीक्षक व ऑब्जर्वर के आने पर ही होगी। विद्यालय आंतरिक परीक्षक से इंटर की परीक्षा नहीं कराएंगे।
बताया कि इंटर प्रयोगात्मक परीक्षा में एक बैच में 30 विद्यार्थी विद्यार्थी प्रयोगात्मक परीक्षा देंगे। एक दिन में अधिकतम तीन बैच की परीक्षा होगी। विद्यालय को प्रयोगात्मक परीक्षा का जियो टेक फोटो उसी दिन अपलोड करना है। जियो टेक फोटो में दिन, तारीख तथा विद्यालय का लोकेशन होता है। बाह्य परीक्षक, आंतरिक परीक्षक व ऑब्जर्वर का संयुक्त फोटो होना चाहिए। माना जा रहा है कि इससे प्रयोगात्मक परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं हो सकेगी।
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10वीं और 12वीं की टर्म-2 परीक्षाएं 25 अप्रैल से
बलिया। द काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (सीआईएससीई) ने दसवीं और बारहवीं के टर्म-2 की बोर्ड परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। विस्तृत कार्यक्रम सीआईएससीई की वेबसाइट के साथ करियर्स पोर्टल पर भी देखा जा सकता है। जारी कार्यक्रम के मुताबिक दसवीं की परीक्षा 25 अप्रैल को अंग्रेजी के प्रथम पेपर के साथ प्रारंभ होगी। आखिरी परीक्षा 20 मई को कामर्शियल स्टडीज की होगी। ऐसे ही 12वीं की परीक्षा 25 अप्रैल को अंग्रेजी द्वितीय प्रश्नपत्र के साथ होगी। छह जून को बिजनेस स्टडीज के साथ बारहवीं की परीक्षा समाप्त होगी। दसवीं की परीक्षा सुबह 11 बजे से प्रारंभ होगी। डेढ़ घंटे का पेपर होगा। जबकि, बारहवीं की परीक्षा दोपहर दो बजे से प्रारंभ होकर दोपहर 3:30 बजे तक चलेगी। इसके अलावा 10 मिनट का अतिरिक्त समय प्रश्नपत्र को पढ़ने के लिए मिलेगा।
बता दें, कि सीआईएससीई ने कोरोना महामारी के चलते पूरे पाठ्यक्रम को दो हिस्सों में बांटते हुए बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन दो टर्म में कराने का फैसला किया है। पहले टर्म की परीक्षा दिसंबर में संपन्न होने के साथ ही उसका परिणाम घोषित किया जा चुका है। अब दूसरे टर्म की परीक्षा को लेकर तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। जिले के अंदर दसवीं और बारहवीं में पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या करीब दो हजार है।
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विद्यालयों की लापरवाही बन सकती है परीक्षार्थियों की मुसीबत
बलिया। उप्र बोर्ड परीक्षा के लिए अपलोड किए गए परीक्षार्थियों के अस्पष्ट व धूमिल फोटो को लेकर परिषद ने आपत्ति भेजी थी। इनमें हाईस्कूल और इंटर के 3495 से अधिक परीक्षार्थियों के फोटो बदलने का आदेश था, लेकिन 371 विद्यालयों के परीक्षार्थियों के फोटो अब तक नहीं बदले गए हैं। जिससे नाराज होकर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. ब्रजेश मिश्र ने संबंधित प्रधानाचार्यों को पत्र लिखकर बोर्ड की वेबसाइट पर छात्रों की सही फोटो अपलोड करने और उसकी हार्ड कापी डीआईओएस कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया है। साथ ही चेताया है कि इस कार्य में लापरवाही करने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कारवाई की जाएगी।
बता दें कि माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र प्रयागराज ने हाईस्कूल के 138 विद्यालयों के 2127 और इंटरमीडिएट के 233 विद्यालयों के माध्यम से आवेदन करने वाले 1368 परीक्षार्थियों के फोटो पर आपत्ति जताई थी। साथ ही स्पष्ट फोटो अपलोड करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके 3495 परीक्षार्थियों के फोटो अभी भी नहीं बदले गए हैं। इसके अलावा कुछ दिव्यांग छात्रों के प्रमाण पत्र बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कराए जाने थे, इनको भी अपलोड नहीं किया गया है। माध्यमिक विद्यालयों की लापरवाही बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए मुसीबत बन सकती है। परिषद की चेतावनी के बाद भी हाईाकूल और इंटरमीडिएट के 371 विद्यालयों ने अभी तक अपने विद्यालयों के 3495 परीक्षार्थियों के फोटो पोर्टल पर अपलोड नहीं किए हैं। इसके चलते प्रवेशपत्र पर फोटो न होने से परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित भी रह सकते हैं। वहीं परिषद द्वारा दी गई समय सीमा समाप्त हो चुकी है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बिना फोटो के प्रवेशपत्र पर दूसरे परीक्षार्थी को परीक्षा में शामिल कराने के विद्यालयों के सपने को तोड़ दिया है। परिषद ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी परीक्षार्थी के प्रवेश पत्र पर फोटो न होने की स्थिति में विद्यालय स्तर से फोटो को लगाकर परीक्षार्थी का बिठाने का कार्य नहीं हो सकेगा।
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जिन विद्यालयों के परीक्षार्थियों के फोटो अपलोड होना शेष रह गए हैं वे शीघ्र फोटो अपलोड करा दें। प्रवेशपत्र पर फोटो न होने से परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेगा। फोटो अपलोड न करने पर प्रधानाचार्य के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
-डॉ.ब्रजेश मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक, बलिया।
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