फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्त्री-पुरुष में कोई भेद नहीं, दोनों ही जीवन रूपी गाड़ी के दो पहिए

विज्ञापन
विज्ञापन
बलिया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जनपद में जिला प्रशासन, जेएनसीयू के साथ ही विभिन्न संगठनों की ओर से कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।इस दौरान कई स्थानों पर नारीशाक्ति को सम्मानित कर उसका उत्साह बढ़ाया गया।
विज्ञापन

विकास भवन स्थित सभागार में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में कार्यक्रम हुआ। समाज में बदलाव के लिए प्रयासरत महिलाओं को सम्मानित किया गया। सम्मनित होने वालों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कार्यक्रम विभाग की कर्मचारी, एनसीसी कैडेट्स, महिला प्रधान आदि शामिल थीं। जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विक़ार अहमद अंसारी की अध्यक्षता में ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ पर दीवानी न्यायालय में कार्यक्रम हुआ। संचालन सर्वेश कुमार मिश्र प्रभारी सचिव ने किया। महिला पीठासीन अधिकारी और अन्य लोगों को बुके व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। प्रमोद कुमार आजाद, सत्य प्रकाश त्रिपाठी, हिमांशु भटनागर, दिनेश कुमार मिश्रा, महेश चन्द वर्मा, गोविन्द मोहन, श्री ओमकार शुक्ला आदि थे। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय में कार्यक्रम कुलपति प्रो. कल्पलता पाण्डेय की अध्यक्षता में हुआ। कल्पलता पांडेय ने कहा कि यदि रोटी न हो तो मानव मरता है यदि संस्कार न हो तो मानवता मर जाती है। हमें संस्कारी होना चाहिए। स्त्री एवं पुरुष में कोई भेद नहीं दोनों ही जीवन रूपी गाड़ी के दो पहिए हैं। जीवन में संतुलन होना ही चाहिए। मुख्य अतिथि सीएमएस डॉ. सुमिता सिन्हा ने विविध महिला कार्यक्रमों, पोषण कार्यक्रम, महिला हेतु संतुलित आहार की आवश्यकता इत्यादि पर सभी प्रतिभागियों के समक्ष अपने विचार साझा किए। शकुंतला श्रीवास्तव, डॉ. खुशबू दुबे, नीरज पांडे, डॉ. सुरारी पांडे, वंदना यादव, डॉ. अपराजिता, शैलेन्द्र, अतुल कुमार, अमित सिंह, नलिनी, राघवेन्द्र, रंजीत सिंह, विनय कुमार, नीति कुशवाहा, मिथिलेश सिंह, तृप्ति सिंह, ऋतम्भरा आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें