बुधवार को एडीएम कोर्ट के सामने प्रदर्शन करते छात्र
छात्रसंघ संघर्ष समिति के नेतृत्व में बुधवार को शहर के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र एकजुट होकर जबर्दस्त प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि उन्हें शिलापट्ट नहीं विश्वविद्यालय चाहिए। बिना विश्वविद्यालय लिए वे चैन से नहीं बैठेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के नाम पर घोषित विश्वविद्यालय द्वारा कार्य शुरू करने तक आंदोलन जारी रखेंगे। छात्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
छात्रों को संबोधित करते हुए छात्र संघर्ष समिति के पूर्वांचल संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू ने कहा कि जिले के छात्र कभी भी संकीर्ण राजनैतिक दायरे में नहीं बंधे हैं और ना ही कभी विभाजनकारी राजनीति का हिस्सा बने हैं। सामाजिक एकता को मजबूत करते हुए बुनियादी समस्याओं के लिए लड़ते रहे हैं। यही कारण है कि यहां समर्पण की नहीं बल्कि संघर्ष की राजनीति जीवंत रहती है। कहा कि विश्वविद्यालय के केवल शिलान्यास से काम नहीं चलने वाला है। जब तक विश्वविद्यालय कार्य करना शुरू नहीं कर देता छात्र अपने आंदोलन को जारी रखेंगे। चाहे इसके लिए छात्रों को कितना भी परेशानी क्यों न उठानी पड़े? छात्र संघर्ष समिति के जिला संयोजक मानवेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि बलिया जैसे पिछड़े जिले में गरीब परिवार के छात्र ही महाविद्यालयों में प्रवेश लेकर शिक्षा ग्रहण करते हैं।
जिला प्रशासन यदि छात्रों के शैक्षणिक हित की सुरक्षा में ठोस कदम नहीं उठाता है तो छात्र आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होंगे। जिसके लिए पूरी तरह से जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा। प्रदर्शन में राकेश सिंह टिंकू, किशन प्रताप सिंह, आशुतोष पांडेय, मिथिलेश यादव मोती, मुहम्मद सुफियान, सुजित सिंह परिहार, दुर्गेश कुमार राय, अभिषेक यादव, राजेश सिंह प्रिस, विवेक पाठक, कमल पांडेय, आनंद विक्रम सिंह, चांदन यादव, विशाल पाठक, पवन राय, नितिन राय, छोटे लाल यादव, सेराज खान, पंचानंद यादव सहित सैकड़ों छात्र मौजूद रहे।