रेवती। नगर के रामलीला भूमि पर चल रहे रामलीला के चौथे दिन सीता स्वयंवर के बाद वृंदावन से आए रामलीला के कलाकारों की ओर से राम-जानकी की झांकी निकाली गई। घोड़े और विभिन्न वाद्य यंत्रों से सजी झांकी का नेतृत्व भाजपा नेता अजय शंकर पांडेय कनक कर रहे थे।
आकर्षक ढंग से सजे रथ पर राम, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न जहां पीछे विराजमान थे। वहीं, रथ के अग्र भाग पर गदाधारी हनुमान बैठे थे। झांकी में मौजूद जनसमूह जय श्रीराम के जयकारे लगाते हुए चल रहा था। जुलूस जिधर से गुजर रहा था उधर के लोग दर्शन को इकट्ठा हो रहे थे। झांकी बस स्टैंड, थाना, बाजार, बीज गोदाम, उत्तर टोला दुर्गा स्थान, बुढवा शिव मंदिर, डाकघर होते हुए रामलीला भूमि पर आकर समाप्त हुई। कुंदन पांडेय, राजू पांडेय, योगेश पांडेय, राजेश गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता, रूपेश पांडेय, घूरा राजभर, गोलू पटेल, श्रीप्रकाश साहनी, मानव तिवारी, चंद्रपाल पांडेय, राहुल ओझा, मुनमुन पांडेय, विवेक पांडेय आदि शामिल रहे।
जन्मे श्रीराम बजीं बधाइयां
बेल्थरारोड। श्री रामलीला समिति की ओर से बिचला पोखरा स्थित मैदान में चल रहे लीला मंचन में श्री रामजन्म की भावपूर्ण प्रस्तुति की गई। राम जन्म होते ही तीनों लोक में खुशियां मनाई गईं। देवताओं ने पुष्प वर्षा कर मंगल कामना की। कौशल्या ने राम, सुमित्रा ने लक्ष्मण और कैकयी ने भरत-शत्रुघ्न को जन्म दिया। अयोध्या में चार राजकुमारों के जन्म लेने से खुशी की लहर दौड़ गई। संपूर्ण अयोध्या नगरी जश्न में डूब गई। ‘भए प्रगट कृपाला दीनदयाला’ के मंगल गीत की ध्वनि गूंजने लगी। रामजन्म के बाद आतिशबाजी की गई। इसके बाद लीला प्रेमियों ने राम के जयकारे लगाए। बृजकिशोर आजाद के निर्देशन में कलाकारों का भावपूर्ण अभिनय देख लीलाप्रेमी भावविभोर हो गए।