बलिया। गंगा स्नान के लिए जा रहे ग्राम पंचायत सचिव से मारपीट करने मामले में सात वर्ष बाद विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल मिश्र ने अभियुक्त बहादुर बिंद को दोष सिद्ध पाया। न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई।
पुलिस के मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन विभाग की पैरवी से सजा हुई। थाना फेफना में जनवरी 2019 में समीर राय निवासी सेमरा गाजीपुर ने तहरीर दी कि गड़वार ब्लाॅक में ग्राम पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत हूं। साथी देवानंद गिरी निवासी शेरपुर के साथ माल्देपुर गांव स्थित सत्कार पैलेस में किराये पर रहता हूं। 31 जनवरी की सुबह गंगा स्नान के लिए हमलोग जा रहे थे। प्राथमिक स्कूल के पास कुछ लोगों ने हमला कर पिटाई कर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी कर पत्रावली कोर्ट में पेश की।
न्यायालय विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं की जिरह सुनने के बाद अभियुक्त बहादुर बिंद को दोषी पाया। न्यायालय उठने तक की सजा सुनाने के साथ ही पांच सौ रुपया के अर्थदंड से दंडित किया।
अर्थदंड अदा न करने पर दो दिन की अतिरिक्त सजा सुनाई। हालांकि बहादुर बिंद ने अर्थदंड की राशि अदालत में जमा कर दी। इसके बाद दोषी को अदालत की ओर से छोड़ दिया गया।