हल्दी थाने के बेलहरी ढाले पर मदरसे की भूमि को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गए। इस दौरान हुई झड़प के बाद एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पर मड़हा फूंकने का आरोप लगाते हुए एनएच-31 पर सड़क जाम कर दिया।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो लोग माने। तीन घंटे तक जाम से यात्रियों की काफी फजीहत हुई। बेलहरी ढाले पर दो वर्गों की बस्ती है। एक पक्ष का आरोप है कि मदरसे की 14 डिस्मिल जमीन है।
दूसरे पक्षे के अनग्राहित राम और लालजी राम का घर भी वहीं है। एक पक्ष के लोग दूसरे पक्ष पर जमीन पर कब्जा करने का आरोप वर्षों से लगाते चले आ रहे हैं। मामले में कई बार डीएम और एसडीएम तक ने हस्तक्षेप किया है
लेकिन नतीजा अब तक सिफर रहा। मामले को लेकर करीब एक माह से भिन्न-भिन्न गांवों के लोगों ने पंचायत की। दोनों पक्ष के लोग राजी होकर पंचनामा पर हस्ताक्षर भी बना दिए।
इसी बीच शुक्रवार की दोपहर में पंचों ने विवादित जमीन की पैमाइश कराकर चिह्नित कर दिया। पंचों के चले जाने पर अनग्राहित राम और लालजी राम के मड़हे से आग की लपटें उठनी शुरू हो गईं।
जब तक लोग आग बुझा पाते, मड़हे में बंधी अनग्राहित की तीन बकरी जल मरीं। इस पर अनग्राहित और लालजी के परिवार के लोगों ने चोलहन चक के कुछ लोगों पर मड़हा फूंकने का आरोप लगाते हुए एनएच-31 को बेलहरी ढाले पर जाम कर दिया।
सूचना पर मौके पर पहुंचे सीओ सुरेश चंद्र रावत, हल्दी एसओ अरुण कुमार दुबे ने लोगों समझाबुझाकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए जाम समाप्त कराया। वहीं गांव में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दी गई है। इस बाबत थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित पक्ष के लोगों ने नामजद 10 लोगों के विरुद्ध तहरीर दी है। छानबीन के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।