पंजाब के माधोपुर से बीएसएफ जवान का शव सुरेमनपुर आते ही परिवार में कोहराम मच गया। जवान के अंतिम दर्शन के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा। उधर जवान की मौत पर रहस्य बरकरार है।
विभाग इसे आत्महत्या बता रहा है तो घरवाले हत्या। इसी बात पर पिता ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक दाह संस्कार करने से मना कर दिया। एसडीएम और सीओ के समझाने पर पिता ने गृह मंत्रालय को संबोधित पत्रक एसडीएम को सौंपा। इसके बाद जवान का अंतिम संस्कार हो सका। गार्ड आफ आनर के साथ पचरूखिया गंगा घाट पर दाह संस्कार किया गया।
बीएसएफ के सेवानिवृत्त इंसपेक्टर सुरेमनपुर निवासी राजेंद्र प्रसाद साह ने पत्रक में पंजाब के माधोपुर बीएसएफ के 141 बटालियन के सीओ पर अपने बेटे जवान कमलेश (35) की हत्या का आरोप लगाया है। कहा कि हत्या से पूर्व बेटे ने पत्नी शोभा से और मुझसे बिलखते हुए कहा था कि एक अधिकारी मेरी हत्या करवाना चाहता है।
पत्नी शोभा ने सीओ से पति के जानमाल की गुहार भी लगाई थी लेकिन सात अप्रैल को उसकी हत्या कर दी गई। साजिश के तहत इसको आत्महत्या बता दिया गया। पत्रक में कहा गया है कि उक्त अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों के फोन द्वारा दी गई सूचना में भी अंतर है। इससे साबित होता है कि कमलेश की हत्या की गई है।
शव के साथ जवान का मोबाइल नहीं भेजा गया है। कारण कि विभाग को डर है कि मोबाइल से उनका राज न खुल जाए। शव के साथ आए बीएसएफ इंस्पेक्टर रामलाल साहू ने कुछ भी बताने से इंकार करते हुए कहा कि वह छूट्टी पर थे। जब वापस ड्यूटी पर आए, तो शव लेकर सुरेमनपुर जाने का आदेश दिया गया। एसडीएम सुशील प्रताप सिंह तथा क्षेत्राधिकारी सुरेशचंद्र रावत ने समझाबुझाकर जवान का अंतिम संस्कार कराया।