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आठ साल से लटका नगर पालिका का सीमा विस्तार विस्तार

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बलिया। करीब आठ साल पूर्व वर्ष 2014 में शुरू हुई नगर पालिका परिषद, बलिया के सीमा विस्तार के लिए शुरु हुई कवायद प्रशासनिक सुस्ती और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण अधर में लटकी है। उम्मीद जताई जा रही थी कि निकाय चुनाव से पहले इस प्रक्रिया को अमली जामा पहना दिया जाएगा, लेकिन नपा का कार्यकाल महज चंद माह शेष बचा है, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई सकारात्मक पहल होती नहीं दिख रही है, जिससे इस बार भी नगर पालिका निगम का दर्जा पाने से वंचित होती दिख रही है।
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नगर से सटे 27 गांवों को शहर में तब्दील कर उसे नपा द्वारा अधिगृहित करने क्रम आज भी अपने अंजाम की बांट जोह रहा है। हालांकि इसके लिए योगी सरकार के पहले कार्यकाल में तत्कालीन ग्राम्य विकास व संसदीय कार्यमंत्री मंत्री आनंद स्वरुप शुक्ल से लगायत भाजपा जिलाध्यक्ष जय प्राकश साहू ने भी पहल की थी, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा, जिससे नगर पालिका परिषद बलिया के सीमा विस्तार की आस अधर में में लटकी पड़ी है। लेकिन अब नगर वासी प्रदेश के परविहन मंत्री और बलिया नगर से विधायक दयाशंकर सिंह से आठ वर्ष से अधर में लटके कार्य को पूरा कराने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
बता दें कि दस नवंबर 2014 को नगर विकास अनुभाग-6 के विशेष सचिव ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर नगर पालिका परिषद, बलिया के सीमा विस्तार के लिए आख्या और प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। तब नगर पालिका के तत्कालीन ईओ संतोष मिश्रा ने 19 मार्च 2015 को शासन को रिपोर्ट प्रेषित की थी। इसके बाद शासन ने नवीन प्रस्ताव संकल्प के साथ भेजने का निर्देश दिया गया। इसके प्रति उत्तर में नपा प्रशासन ने शहर से सटे 27 ग्राम
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पंचायतों में शहरी लक्षण का हवाला देकर उसे नपा में शामिल करने का प्रस्ताव दिया। पुन: सीमा विस्तार के प्रकरण को बोर्ड की बैठक चार अगस्त 2016 को हुई, जिसमें सम्मिलित किये जाने वाले 24 ग्रामों के अतिरिक्त
अन्य ग्राम में भी शहरी लक्षण विद्यमान होने और उनको भी सीमा विस्तार में शामिल करने की मांग पर पांच सदस्यीय कमेटी की रिर्पोट पर अध्यक्ष द्वारा ग्राम परिखरा व पटखौली तक सीमा विस्तार का निणर्य हुआ। इसी दौरान राज्यमंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ला, जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर और नगर मजिस्ट्रेट की अनुसंशा पर नगर का विस्तार ग्राम शंकरपुर व हनुमानगंज तक करने का प्रस्ताव हुआ और बोर्ड का प्रस्ताव शासन को भेजने का निर्णय हुआ। तत्कालीन अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा द्वारा पूर्व में और बीते आठ जनवरी को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रस्ताव को शासन को भेजा गया, जिस पर एसडीएम सदर ने भी अपनी सहमति व्यक्त की थी,लेकिन प्रस्ताव अब भी शासन स्तर पर अधर लटका पड़ा है। जबकि पड़ोसी जनपदों में नगर पालिकाओं के सीमा विस्तार को शासन स्तर से अभी मंजूरी देने की प्रक्रिया गतिमान है।
इन गांवों तक होगा विस्तार
नगर पालिका बोर्ड द्वारा शासन को प्रेषित पत्र के अनुसार नगर क्षेत्र की सीमा से सटे ग्राम पंचायत जमुआ, सहोदरा, माफी पीपरा, अगरसण्डा, मुर्की, सरफूद्दीन, बहेरी, माल्देपुर, निधरिया, जमालपुर, सोनाडाबर, बहादुरपुर, तिखमपुर, पटखौली, परिखरा, उमरगंज, हैबतपुर, जमुआ गोपालपुर, रामपुर महावल, रघुनाथपुर टकरसन, मझौली, मुतलके यारपुर, अमृतपाली, परमनन्दापुर, सहरसपाली, हनुमानगंज और शंकरपुर शामिल है।
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