भारत माता की जय और वंदे मातरम के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलिया की क्रांति धरा को नमन किया। मंगल पांडेय से लेकर चंद्रशेखर तक एक-एक महापुरुषों को याद कर उपस्थित जनसमूह के अंदर जोश भरा। यहां तक कहा कि बलिया के दिखाए रास्तों का देश आगे चलकर अनुसरण करता है। यहां के लोग चुनौतियों से जूझते हुए हमेशा अपना मार्ग बनाते हैं।
बांसडीह विधानसभा के पिंडहरा में आयोजित नारी शक्ति वंदन महिला सम्मेलन में सीएम ने कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्र समर की चिंगारी को पूरे देश में ले जाने का कार्य इस धरा के मंगल पांडेय ने किया। इससे पूरे देश में क्रांति समर शुरू हो गया। इस समर ने भारत को पहला अहसास कराया कि अंग्रेजों की दासता को उखाड़ फेंक सकते हैं। 1942 में बलिया ने अपने को स्वाधीन घोषित कर दिया और देश आजाद हुआ 1947 में। देश का संसदीय लोकतंत्र खतरे में पड़ा तो यहां के जयप्रकाश के नेतृत्व में पूरा देश आंदोलन के लिए खड़ा हुआ। कांग्रेस के उखाड़ने की शुरुआत चंद्रशेखर ने की। इन महापुरुषों की प्रेरणा बलिया को नई पहचान दिलाती है। उनसे पहले भी अतीत में जाएं तो महर्षि भृगु के नाम पर बलिया की अलग पहचान है।
बलिया। सीएम ने कहा कि संसद में महिलाओं के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम प्रधानमंत्री ने हाल में पारित किया। बांसडीह की जनता ने 2022 में ही केतकी सिंह को विधायक चुन भेज दिया। इसके लिए धन्यवाद। कानून पारित होने के बाद 2026 में परिसीमन होगा तो विधानसभा और संसद में 33 फीसदी सीटों पर महिलाओं को आरक्षण मिलेगा। बलिया से केतकी के साथ अन्य बहनों को भी विस और संसद में जाने का अवसर मिलेगा। नए भारत का दर्शन हो रहा है। यहां सुरक्षा, स्वाभिमान, सम्मान है। बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है। कोई सोचता था कि गरीब को शौचालय मिलेगा, लेकिन मिल रहा है। इससे बीमारी दूर करने के साथ बेटियों की गरिमा की रक्षा करने का माध्यम भी मिला है। धुएं से मुक्ति के लिए उज्ज्वला योजना के तहत फ्री सिलिंडर दिवाली में मिलेगा। गरीबों को आवास मिले। जिस जमीन पर आवास है उसका अधिकार मिले। इसके लिए कृत संकल्पित हैं। पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा का कवर प्रदेश में 10 करोड़ लोगों को दे रहे हैं।