सुखपुरा (बलिया)। थाना क्षेत्र के करनई गांव में मंगलवार की सुबह लगभग छह बजे बगीचे में अमरूद के पेड़ की दो डालियों के बीच पिंटू राजभर (35) का शव फंसा मिला। शौच के लिए गई महिलाओं ने शव देखा तो शोर मचाया। इसके बाद भीड़ जुट गई। सूचना पर एएसपी दक्षिणी कृपाशंकर, सीओ श्यामकांत, थाना प्रभारी सुशील दुबे घटना स्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी की। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। परिजनों ने हत्या कर शव को डालियों के बीच फंसाने का आरोप लगाया।
करनई गांव की राजभर बस्ती निवासी पिंटू राजभर ट्रैक्टर चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था। सोमवार की रात घर से हनुमानगंज स्थित एक निजी अस्पताल में गांव के एक लड़के के साथ रिश्तेदार को खाना पहुंचाने गया था। दो दिन से उसकी पत्नी पिंकी अस्पताल में मरीज की देखभाल के लिए रुकी थी। पिंटू को घर छोड़ने के बाद साथ का लड़का अपने घर चला गया। वह घर पर सोने की जगह कहीं चला गया। रात में अक्सर पिंटू किसी का ट्रैक्टर व गाड़ी चलाने के लिए जाता था। परिजनों ने समझा की गाड़ी चलाने गया होगा। पिता अच्छेलाल राजभर खेत की सिंचाई करने गए थे। सुबह घर से करीब 100 मीटर दूर अमरूद के बगीचे में पेड़ की डालियों में गर्दन फंसा हुआ शव मिला।
इसकी खबर लगते ही परिजनों व ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। परिजनों ने बताया कि पिंटू की किसी से दुश्मनी नहीं थी। गला दबाकर उसकी हत्या कर पेड़ की डालियों के बीच गर्दन फंसाकर शव रखा गया था। पिंटू तीन भाइयों व तीन बहनों में सबसे बड़ा था। सभी की शादी हो चुकी है। उसका 10 वर्ष का एक लड़का व तीन वर्ष की एक लड़की संजना है। पत्नी पिंकी रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी। पुलिस ने पिंटू के मोबाइल को जांच के लिए कब्जे में ले लिया। थाना प्रभारी सुशील दुबे ने बताया कि बगीचे में शव मिला है। पुलिस के पहुंचने के पूर्व परिजनों ने शव नीचे उतार दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पिंटू के एक युवती से थे संबंध
करनई निवासी पिंटू राजभर काफी मिलनसार व व्यावहारिक था। वह जरूरत पड़ने पर किसी का वाहन चलाता था। परिजनों ने हत्या की आशंका व्यक्त की है, लेकिन किसी पर आरोप नहीं लगाया है। ग्रामीणों ने दबी जुबान बताया कि पिंटू का संबंध गांव की एक युवती से था। युवती की शादी हो चुकी थी। उसके परिजनों ने कई बार पिंटू को धमकी भी दी थी, लेकिन पिंटू अक्सर उससे मिलने का प्रयास करता था।