नारायणपुर-कर्ची-सिंहपुर मार्ग पर बने रेलवे क्रासिंग के दोनो तरफ रेल प्रशासन के शनिवार को जेसीबी से खुदाई कराकर बंद करा दिए जाने से नाराज ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक पर धरना देते हुए रेल चक्काजाम कर दिया। इसके चलते अप ताप्ती गंगा, शाहगंज-बलिया पैसैंजर करीब सवा घंटे बिलंब से रवाना की गई। जबकि कई ट्रेनों को पूर्व के स्टेशनों पर रोक दिया गया। मामले में आरपीएफ ने करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
शनिवार को रेल महकमे के सीनियर मंडलीय इंजीनियर एके श्रीवास्तव तथा सहायक मंडलीय इंजनीनियर एके उपाध्याय के निर्देश पर सिंहाचवर-जिगनी रेलवे के मानवरहित क्रासिंग को बंद कर दिया गया था। जिसके विरोध में रविवार को क्षेत्र के कई गांवों के हजारों की संख्या में महिला-पुरुष ने रेलवे ट्रैक पर जाम कर दिया। सूचना मिलते ही रेल अधिकारी जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का कहना था कि करीब 70 साल पहले से यह मार्ग क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए बनाया गया। लेकिन रेलवे विभाग ने बिना विकल्प निकाले ही इसे खाई खोद कर बंद करा दिया। क्षेत्र के करची-नारायणपुर, परिवा मिलकनवा, रौशिंगपुर, कामपुर, हरिपुर, जैतपुरा, सरयां, चौहानबस्ती, सहसपुरा, सिंहपुर, रामगढ़, हंकारपुर, मुबारकपुर, मनियर के लगभग 35 हजार से अधिक ग्रामीण इस रास्ते अपने गंतव्य को आते-जाते है।
रेलवे ट्रैक ग्रामीणों द्वारा जाम किए जाने के बाद मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम रामनुज सिंह तथा सीओ सदर बाबूलाल यादव, एसओ फेफना उमेश चंद यादव, एसओ नरहीं नीरज कुमार पाठक, एसओ गड़वार अनिल कुमार चौरसिया, महिला पुलिस और पीएसी जवानों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। इस दौरान एसडीएम, सीओ सदर ने ग्राम प्रधान रमेश सिंह बुआ से वार्ता करने के बाद ग्रामीणों को ट्रैक से हटाया गया।
एसडीएम रामानुज सिंह ने बताया कि आप कानूनी तरीके से अपनी मांग पत्र को उच्चाधिकारियों को भेज सकते है। इसके बाद ही आपलोगों के पक्ष में कोई कार्रवाई होगी। अन्यथा की स्थिति में कानून हाथ में लेने पर आप लोगों पर ही कार्रवाई हो जाएगी। आरपीएफ एसओ संजय मिश्रा ने बताया कि धरना-प्रदर्शन कर ट्रेन को रोकने के मामले में 200 लोगों के खिलाफ 174 रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। ट्रेन को रोकना गैरकानूनी है। बावजूद इसके ग्रामीणों ने ट्रेन का रोकने का कार्य किया।