सिकंदरपुर क्षेत्र के कठौड़ा गांव के समीप रेगुलेटर के रिसाव से खेत में लगा पानी।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरूआत होने के बाद अब तक जिले में लगभग 35 हजार किसान अपना बीमा करा चुके हैं। इस हिसाब से जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ केवल 35 हजार किसान को ही मिलेगा, जिन्होंने बीमा कराया है। बाढ़ में डूबी फसल के नुकसान का आकलन कर मुआवजा मिलेगा। योजना का लाभ विभागीय सर्वे के आधार के बाद ही मिल सकेगा।
वर्ष 2010 से प्रभावी प्रीमियम अधिक हो जाने की दशा में एक कैप निर्धारित रहती थी, जिससे सरकार के द्वारा वहन की जाने वाली प्रीमियम राशि कम हो जाती थी, किसान को मिलने वाली दावा राशि भी अनुपातिक रूप से कम हो जाती थी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 30 हजार सम इंस्योरड 22 प्रतिशत प्रीमियम आने पर शत-प्रतिशत नुकसान की दशा में किसान को 30 हजार रुपये की पूरी दावा राशि प्राप्त होगी।
बीमित किसान यदि प्राकृतिक आपदा के कारण बोनी नहीं कर पाता है तो जोखिम भी शामिल है। उसे दावा राशि मिल सकेगी। ओला, जल भराव और लैंड स्लाइड जैसी आपदाओं को स्थानीय आपदा माना जाएगा। फिलहाल जिले में इस साल बाढ़ ने कितनी तबाही मचाई है। इसका आकलन फिलहाल कर पाना मुश्किल है। हालांकि 35 हजार किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा करा चुके हैं।