शहर के जगदीशपुर रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम में स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को जांच की। परिजनों ने दो जनवरी को बिना लाइसेंस के एसएनसीयू वार्ड संचालन और मृत हो चुके बच्चे के उपचार के नाम पर पैसा मांगने का आरोप लगाया था।
सीएमओ डॉ. विजयपति द्विवेदी ने मामले को संज्ञान लेकर चार चिकित्सकों की जांच कमेटी गठित कर जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने को निर्देश दिया था। शुक्रवार को अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अशोक कुमार के नेतृत्व में बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. पीपी सिंह, एसीएमओ डाॅ. योगेन्द्र दास व जिला सर्विलांस अधिकारी डाॅ. अभिषेक मिश्रा ने निजी नर्सिंग होम पहुंच कर प्रपत्रों को खंगाला।
इसके उपरांत टीम ने एसनसीयू वार्ड सहित अन्य चिकित्सकीय सुविधाओं की जांच पड़ताल की। जांच टीम को अस्पताल में कई व्यवस्थाएं मानक के विपरीत मिली। टीम ने निजी नर्सिंग होम संचालक को चिकित्सकों व कर्मचारियों का प्रमाण पत्र सहित अन्य बिंदुओं पर जवाब देने के लिए तलब किया है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो निजी नर्सिंग होम में एसएनसीयू वार्ड का रजिस्ट्रेशन नहीं है।
डाॅक्टर की उपलब्धता नहीं है। अग्निशमन विभाग के सीएफओ धीरेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि अस्पताल को विभाग की तरफ से कोई एनओसी नहीं दी गई है।