इंदरपुर। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के केन्द्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर जनपद के सभी प्रमुख घटक संगठनों के पदाधिकारियों ने टीईटी अनिवार्यता के विरोध में आंदोलन के प्रथम चरण 9 से 15 मार्च तक प्रस्तावित शिक्षक की पाती कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष आदि को पोस्ट कार्ड नगरा के उपडाकघर से भेजा।
एक स्वर में कहा कि यह लड़ाई शिक्षकों के अस्तित्व की लड़ाई है। इसे हमें हर मोर्चे पर लड़ना होगा। इस लड़ाई में हम सभी शिक्षक एक साथ हैं और साथ मिलकर हर मोर्चे पर इस लड़ाई को लड़ने के लिए तैयार हैं। वक्ताओं ने एक स्वर में यह भी कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त एवं टेट से छूट प्राप्त शिक्षकों के लिए सर्वोच्च न्यायालय की ओर से टेट अनिवार्यता के लिए आदेश किया जाना पूर्व से स्थापित शिक्षक भर्ती नियमों एवं परंपरा के विपरीत है। इस दौरान राघवेंद्र प्रताप राही, राकेश सिंह आदि रहे।