बैरिया। बिना अध्यापकों के कैसे छात्र-छात्राओं को पढ़ाएगी सरकार, यह चर्चा का विषय है। क्योंकि जनपद के कुल सात राजकीय बालिका विद्यालयों व आठ राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में 386 के सापेक्ष महज 46 शिक्षकों की तैनाती है, 240 पद वर्षों से रिक्त पड़े हुए हैं।
राजकीय बालिका विद्यालय बैरिया में 10 पद स्वीकृत हैं, जबकि केवल तीन शिक्षिकाओं की ही नियुक्ति है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जयप्रकाश नगर में 7 पद स्वीकृत है, यहां पर एक भी शिक्षक की तैनाती नहीं है। ऐसे में यहां का विद्यालय एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे चल रहा है। राजकीय बालिका विद्यालय बलिया में 14 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं जिसके सापेक्ष केवल एक शिक्षिका की ही तैनाती की गई है, यहां पर 13 पद रिक्त हैं। चितबड़ागांव में 6 पद स्वीकृत है जबकि वहां पर एक भी शिक्षिका की तैनाती नहीं की गई है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बांसडीह में 9 पद स्वीकृत है जबकि एक की भी तैनाती नहीं है। इसी तरह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बसरिकापुर में भी किसी शिक्षिका की तैनाती नहीं है। जिले में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों की संख्या 14 है। आधे से अधिक विद्यालयों में एक भी शिक्षक तैनात नहीं हैं। ऐसे में सरकार शिक्षा का अलख कैसे जगाएगी इसी तरह जनपद में पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज दो हैं। किसी में कोई भी अध्यापक नहीं है। दोनों विद्यालय बंद है। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक भास्कर मिश्रा ने कहा कि सरकार द्वारा खाली पदों पर नियुक्ति नहीं किए जाने से इस तरह की स्थिति बनी हुई है। मेरे कार्यालय द्वारा पहले ही उच्चाधिकारियों के माध्यम से इस बाबत सरकार को रिपोर्ट भेजी गई है।