इसी विद्यालय के कक्षा एक में पढ़ने वाला एक बच्चा घर नहीं पहुंचा तो परिजनों को चिंता हुई। थोड़ी देर इंतजार के बाद उन्होंने बच्चे की तलाश शुरू की। गली-गांव, मैदान हर तरफ देखा लेकिन बच्चा नहीं मिला। तलाशी के दौरान ही कुछ लोग विद्यालय पहुंचे। दरवाजा पर ताला लगा था। खिड़की से झांक कर अंदर देखा गया तो बालक स्कूल के बेंच पर सो रहा था। परिजनों ने शोर मचाया तो उसकी नींद खुली।
इसके बाद कमरे का ताला तोड़ा गया और बच्चे को बाहर निकाला गया। इसकी सूचना तत्काल प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी को दी गई। घटना की जानकारी जैसे ही प्राथमिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को हुई सभी के हाथ पांव फूलने लगे। शुक्रवार को बेरुआरबारी खंड शिक्षा अधिकारी हिमांशु मिश्रा ने बताया कि स्थलीय निरीक्षण हो गया है।
इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही हैं। इसमें अगर कोई दोषी पाया जाएगा तो उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी ने बताया कि हम लोग अंदर देख कर ही ताला बंद करते हैं। बालक डेस्क के नीचे जहां बस्ता रखा जाता है वहीं सोया था। इस कारण उस पर नजर नहीं पड़ी।