एक तरफ कृषि विभाग पीएम किसान सम्मान निधि का गलत लाभ ले रहे किसानों का सत्यापन कर रहा है तो दूसरी ओर विभागीय लापरवाही से एक किसान पिछले चार वर्ष से अपने को जिंदा साबित करने के लिए दर-दर भटक रहा है। मामला सिकंदरपुर तहसील के पंदह ब्लॉक अंतर्गत लेदुही गांव का है, जहां के किसान परमेश्वर ने 2019 में किसान सम्मान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन विभाग ने एफटीओ ( फंड ट्रांसफर ऑर्डर) में किसान को मृत दिखाते हुए अयोग्य घोषित कर दिया। लिहाजा सालों से अब अपने आपको जीवित साबित करने के लिए किसान तहसील और उपनिदेशक कृषि कार्यालय का चक्कर काट रहा है।
किसान परमेश्वर के नाम से करीब ढाई बीघा जमीन है। किसान सम्मान निधि के लिए परमेश्वर ने साल 2019 में रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन सम्मान निधि नहीं आई। परमेश्वर ने जब विभाग से संपर्क किया तो बताया गया कि कारण पता किया जा रहा है, पर हुआ कुछ नहीं। इस बीच परमेश्वर ने एसडीएम सिकंदरपुर और उपनिदेशक कृषि कार्यालय का दर्जनों बार चक्कर लगाया और समस्या समाधान की गुहार लगाई। बावजूद कोई हल नहीं निकला। इस बीच सम्मान निधि का स्टेटस चेक कराया तो पता चला कि विभाग ने उसे चार साल पहले ही मृत घोषित कर दिया है। इतना सुनते ही उसके होश उड़ गए। तब से परमेश्वर कभी तहसील तो कभी कृषि निदेशक कार्यालय की गणेश परिक्रमा कर रहे हैं।
परमेश्वर ने बताया कि बीते चार साल से कभी तहसील तो कभी उप निदेशक कृषि कार्यालय में उपस्थित होकर अधिकारियों को बता रहा हूं कि साहब मैं जिंदा हूं, और आपके सामने खड़ा हुआ हूं पर अधिकारी हैं कि मानने को तैयार ही नहीं है, उन्हें लगता है कि मेरी मौत हो चुकी है और मैं परमेश्वर का भूत हूं। इस दरम्यान दर्जनों बार उपनिदेशक कृषि को अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र ( ग्राम प्रधान, लेखपाल और तहसीलदार की रिपोर्ट) भी सौंप चुका हूं।