बलिया। शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था पटरी से उतर गई है। नगर पालिका की एक सौ से अधिक स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। इससे शहर की कई गलियों में अंधेरा पसरा रहता है। एलईडी लगाने और रखरखाव करने वाली कंपनी को सात साल तक खराबी दूर करने की जिम्मेदारी दी गई है। फिर भी नतीजा ढाक के तीन पात का है। शहर की प्रकाश व्यवस्था सुधारने और बिजली बचाने के लिए सरकार ने एलईडी लाइट लगाने के निर्देश दिए थे। इससे बिजली की कम खपत के साथ ही शहर को दूधिया रोशनी से रोशन किया जा सके। पूरे शहर में नगरपालिका द्वारा 4000 से अधिक एलईडी लाइट लगवाई गई है, लेकिन मुकम्मल मरम्मत और देखरेख के अभाव में कई मोहल्लों में लगी स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी है। हालांकि इन लाइटों के बिजली बिल का भुगतान नगर पालिका द्वारा किया जाता है। शहर के काजीपुरा, सतनीसराय, आनंद नगर, टगौर नगर, मिश्र नेउरी, राजपूत नेउरी, बेदुआ आदि मोहल्लों में बिजली के खंभों पर लगीं करीब 100 एलईडी लाइटें खराब हैं। इसके अलावा भी बहुत सी लाइटें खराब हैं। इनके बारे में पालिका के पथ प्रकाश की व्यवस्था दुरुस्त करने वाली टीम को जानकारी ही नहीं है। लाइटें खराब होने के कारण सड़कों, गलियों में रात में अंधेरा रहता है।
चार विक्टोरिया लाइट बंद
नगर पालिका द्वारा शहर में बेहतर प्रकाश के लिए कचहरी से भगवाचुंगी, स्टेशन रोड और सिनेमा रोड पर कुल 60 विक्टोरिया लाइटें लगवाई गई हैं। रात में उनकी दूधिया रोशनी शहर को जगमग करती है। पिछले साल लगाई गईं विक्टोरिया लाइट खराब होने लगी हैं। भगवाचुंगी कचहरी मार्ग पर अभी तक चार लाइटें खराब हो चुकी हैं। इसकी शिकायत भी कार्यदायी संस्था से नगरपालिका के अधिकारी कर चुके हैं।
जो लाइटें खराब होती हैं, उनकी मरम्मत कराई जाती है। लाइटें खराब होने पर कार्यदायी संस्था कंपनी से कर्मचारियों को भेजकर मरम्मत कराती है। जो लाइटें खराब हैं उनकी एक-दो दिन में मरम्मत करा दी जाएगी। - दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशाषी अधिकारी, नगरपालिका