किसान व प्रबुद्ध लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 व एक हजार का नोट बंद किए जाने की सराहना कर रहे हैं। वही रबी के फसल की बुवाई में हो रही आर्थिक तंगी और शादी विवाह में धन की कमी को लेकर परेशान हैं। इन दिनों किसानों के साथ ही शादी-विवाह वाले लोगों को भिखमंगे जैसी हालात हो गई है। बाजवूद जल्द ही स्थिति सही होने की उम्मीद जता रहे हैं।
रानीगंज युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष रोशन गुप्ता ने कहा कि 500 व एक हजार का नोट बंद करने का फैसला उचित है। लेकिन रबी की फसल बोने वाले किसान और शादी विवाह वाले लोगों के लिए कोई उचित मार्ग ढूंढ लेना चाहिए था। वैसे उम्मीद है कि जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी।
शिक्षक शिवजी तिवारी का कहना है कि भ्रष्टाचारियों और कालाबाजारियों पर अंकुश लगाने के लिए नरेंद्र मोदी जी का यह फैसला देश हित में है। लेकिन किसान अपने खेती के बल पर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। वही शादी विवाह वाले लोगों के सामने आर्थिक तंगी आ गई है। सरकार को इन समस्याओं को लेकर माकूल समाधान कर लेना चाहिए था।
रेवती ब्लाक के प्रधान संघ के अध्यक्ष प्रदीप यादव ने कहा कि देश हित में लिए गए फैसले को पार्टी से ऊपर उठकर सब को सराहना करना चाहिए। हां यह बात सही है कि मौजूदा समय में रबी की फसल के लिए किसान जूझ रहे हैं। वही शादी विवाह वाले लोग कैसे अपनी इज्जत बचाएं यह उनके सामने यक्ष प्रश्र बना हुआ है।
व्यापारी मुन्ना शर्मा नेभ कहा कि शादी विवाह वाले लोग बैंकों में पैसे रखने के बावजूद अपने सामान की खरीदारी करने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। बैंक से उन्हें दस हजार से अधिक भुगतान नहीं होता। वहीं दूकानदार चेक पेमेंट पर सामान की बिक्री करने को तैयार नहीं हैं और न ही बकाया देने को तैयार है। ऐसे में शादी-विवाह वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री का कदम सही है।