बलिया। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश एवं पॉक्सो कोर्ट संख्या-10 के न्यायाधीश ओमकार शुक्ला की अदालत ने नाबालिग लड़की को भगाकर ले जाने और दुष्कर्म करने वाले को सात वर्ष का कठोर कारावास व नौ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न अदा करने की दशा में अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
नाबालिग की बड़ी बहन ने थाना में आवेदन दिया था कि उसकी छोटी बहन की उम्र 15 वर्ष है। वह उसके घर आई थी। इसे 21 अक्टूबर 2015 की रात्रि विद्या शंकर पटेल निवासी रैपुरा बहला फुसलाकर अपनी मां सुमित्रा देवी के सहयोग से लेकर कहीं चला गया। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्जकर विवेचना में आरोपी की मां सुमित्रा देवी का नाम गलत पाते हुए आरोपपत्र निकाल दिया था। वहीं आरोपी के खिलाफ न्यायालय में रिपोर्ट पेश की। इसमें सुनवाई करते हुए न्यायालय ने अभियुक्त को पाक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए अलग-अलग सजा सुनाई।