सिकंदरपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद मंगलवार को हंगामे के बाद आखिरकार समाप्त हो गया। फार्मासिस्ट वीरेंद्रनाथ चौधरी से चार्ज लेकर फार्मासिस्ट विजय प्रताप सिंह को सौंप दिया गया।
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि संजय जायसवाल इलाज कराने के लिए सीएचसी पहुंचे तो उन्हें बैठने के लिए कुर्सी तक उपलब्ध नहीं हुई। इससे नाराज होकर उन्होंने अधीक्षक डॉ. दिग्विजय सिंह से पूछताछ की। अधीक्षक ने इस स्थिति के लिए फार्मासिस्ट को जिम्मेदार ठहराया। इस बीच, पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि प्रयाग चौहान भी अस्पताल पहुंच गए। इन दोनों की नाराजगी देखते ही देखते अस्पताल परिसर में भीड़ जुट गई।
हंगामे की जानकारी मिलते ही मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव बर्मन ने तत्काल अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद को मौके पर भेजा। एसीएमओ ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से बातचीत की और समाधान की कोशिशें शुरू की। फार्मासिस्ट वीरेंद्रनाथ चौधरी से चार्ज लेकर फार्मासिस्ट विजय प्रताप सिंह को सौंप दिया गया। यह चार्ज हस्तांतरण एसीएमओ की मौजूदगी में ही किया गया। इस दौरान एक और अहम खुलासा हुआ। वर्षों पहले जिला मुख्यालय से भेजी गई लगभग 30 बेड और आठ वीआईपी कुर्सियां अस्पताल के स्टोर रूम में बंद पड़ी थीं। जनप्रतिनिधियों व एसीएमओ के निर्देश पर इन्हें तत्काल बाहर निकालकर उपयोग के लिए उपलब्ध कराया गया।
पूरे घटनाक्रम का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया, जो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कस्बे में यह मामला दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जनप्रतिनिधियों व उच्चाधिकारियों की त्वरित हस्तक्षेप न होता तो स्थिति और बिगड़ सकती थी।