बलिया। उच्च न्यायालय, प्रयागराज के आदेश के अनुपालन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने चार शिक्षकों को सेवामुक्त कर दिया है। इनमें दो महिला व दो पुरुष शिक्षक हैं। इनमें आजमगढ़ और मऊ के एक-एक और बलिया के दो सहायक अध्यापक हैं। जबकि एक शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए अमेठी बीएसए को पत्र लिख कर सूचित किया है। पांचों शिक्षकों की नियुक्ति 69 हजार शिक्षक भर्ती के दौरान हुई थी।
बीएसए ने बताया है कि शिक्षा क्षेत्र सोहांव के प्राथमिक विद्यालय, इस्लामिया में तैनात सहायक अध्यापक गुलाब चंद निवासी चक्रपानपुर, कनैला थाना-जहानागंज (आजमगढ़), विकास खंड सीयर के कंपाजिट विद्यालय सोनाडीह में तैनात सहायक अध्यापक दिलीप कुमार यादव निवासी कमरौली, विलासपुर (नगरा), गड़वार ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय त्रिकालपुर में सहायक अध्यापक कुमारी निवेदिता सिंह निवासी ताड़ीबड़ागांव (नगरा) और रसड़ा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नसरथपुर में सहायक अध्यापक खुशबू निवासी बरौली (घोसी, मऊ) की सेवाएं हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में समाप्त कर दी गई हैं। जबकि अमेठी जिले में स्थानांतरित स्निग्धा श्रीवास्तव के खिलाफ कार्रवाई के लिए बीएसए अमेठी को पत्र लिखा गया है।
बता दें कि बीते 25 अप्रैल को बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने बीएसए को पत्र लिखकर 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित ऐसे अभ्यर्थी जो 22.12.2018 तक बीटीसी परीक्षा में अनुत्तीर्ण थे तथा 22.12.2018 के पश्चात बैक पेपर से उत्तीर्ण हुए। ऐसे अभ्यार्थियों के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में कार्रवाई करने का निर्देश दिए गए थे।
बीएसए मनीष कुमार सिंह ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में जिले में पांच ऐसे शिक्षक मिले, जिन्होंने नियुक्ति के समय आवेदन करते समय आवश्यक शैक्षिक प्रमाण नहीं लगाया था। पांचों शिक्षक आवेदन की तिथि के दौरान बीटीसी परीक्षा में अनुत्तीर्ण थे तथा 22 दिसंबर 2018 के पश्चात बैंक पेपर से उत्तीर्ण हुए थे,और शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाया था। इनमें चार को सेवा मुक्त कर दिया गया है। जबकि एक अन्य के खिलाफ कार्रवाई के लिए अमेठी के बीएसए को पत्र लिखा गया है।