आलम यह रहा कि चार पहिया वाहनों की डिकी, इंजन का बोनट तथा सीट को उठाकर जांच की गई। उल्लेखनीय है कि वाराणसी प्रकरण को लेकर सपा के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर पार्टी कार्यकर्ताओं को स्ट्रांग रूम की निगरानी रखने का फरमान सुना दिया।
इसके बाद से कार्यकर्ता बलिया में मंडी समिति के अंदर जाने वाले अधिकारियों तक की गाड़ियों को चेक करते रहे। एसडीएम से लगायत अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों तथा खाना नाश्ता लेकर आने वाली गाड़ियों की जांच की गई। उनका आरोप था कि पूरे प्रदेश में भाजपा हार रही है, इसलिए भाजपा के इशारे पर प्रशासन द्वारा ईवीएम से छेड़छाड़ कर उसे स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसे हम होने नहीं देंगे।