बलिया। पुराने अखाड़े में उतरे सभी नए धुरंधरों को पछाड़ते हुए सुभासपा के हंसू राम ने जनपद की एकमात्र सुरक्षित विधानसभा बेल्थरारोड के सिरमौर बने। चुनाव के दौरान उनके बाहरी होने का मुद्दा जोरशोर से उठाया गया। हालांकि छट्ठू राम ने दोपहर तक विधानसभा सीट पर बढ़त बनाए रखी, लेकिन दोपहर बाद सुभासपा प्रत्याशी ने बाजी पलटी तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और अंत में भाजपा के छट्ठू राम को 5511 मतों से मात दी। बसपा यहां पर तीसरे नंबर पर रही। बसपा के साथ ही 11 प्रत्याशियों की जमानत यहां जब्त हो गई।
विधानसभा सीट से भाजपा के साथ ही सपा से गठबंधन कर मैदान में उतरी सुभासपा, बसपा, कांग्रेस ने भी नए चेहरे पर भरोसा जताया था। खास बात ये है कि चारों प्रत्याशी एक ही जाति से थे। सुभासपा प्रत्याशी हंसू राम के गोरखपुर से होने का मुद्दा भी चुनाव में खूब उछाला गया। चुनाव से पहले सपा छोड़ कर पूर्व विधायक गोरख पासवान भी भाजपा में शामिल हुए, लेकिन कोई भी युक्ति भाजपा प्रत्याशी के काम नहीं आई। मतगणना के दौरान सुबह से लेकर दोपहर तक कई राउंड में भाजपा यहां से आगे रही। दोपहर से सुभासपा प्रत्याशी ने तेजी पकड़ी। इसके बाद वो लगातार अपने जीत का अंतर बढ़ाते रहे। बसपा यहां से अन्य सीटों के मुकाबले अच्छा लड़ी और तीसरे नंबर पर रही।
टूट गया मिथक, इस बार जो विधायक उसकी सरकार नहीं
भीमपुरा। बेल्थरारोड विस का एक पुराना मिथक भी इस बार टूट गया। तीन जिलों के सीमा पर स्थित बेल्थरारोड विधानसभा सीट पर मिथक था कि जिस पार्टी का प्रत्याशी जीतता है सूबे में उसी की सरकार बनती है। पिछले तीन दशक के इतिहास में यही होता रहा था। बृहस्पतिवार को आया परिणाम सबको चौंका गया। इस सीट पर सपा प्रत्याशी हंसू राम ने भाजपा के प्रत्याशी छठ्ठू राम को पछाड़कर जीत दर्ज करते हुए तीन दशकों से चले आ रहे मिथक को तोड़ दिया। 1989 जनता दल प्रत्याशी के रूप में शारदानंद अंचल ने जीत हासिल की थी तो सूबे में जनता दल की सरकार बनी थी। 1991 में भाजपा के हरिनारायण राजभर जीते और भाजपा की सरकार बनी। 1993 में सपा के टिकट पर शारदानंद अंचल चुनाव जीते और सूबे में सपा की सरकार बनी। 1996 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी हरिनारायण राजभर दूसरी बार विधायक बने और भाजपा की सरकार बनी। 2002 में सपा के शारदानंद अंचल चुनाव जीतकर सहकारिता मंत्री बने। 2007 के चुनाव में पहली बार बसपा ने अपना खाता खोला और केदारनाथ वर्मा ने चुनाव जीता तो बसपा की सरकार बनी। 2012 के नए परिसीमन में सीयर विधानसभा का नाम बदल कर बेल्थरारोड सीट हुई तो सपा के गोरख पासवान जीते और अखिलेश यादव की सूबे में सरकार बनी। 2017 में भाजपा प्रत्याशी धनन्जय कन्नौजिया ने जीत दर्ज की और सूबे में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी। इस चुनाव में भाजपा ने अपने सिटिंग विधायक धनंजय कन्नौजिया का टिकट काटकर छट्ठू राम पर भरोसा जताया था। सपा-सुभासपा गठबंधन ने हंसू राम पर। हंसू राम ने जीत का परचम लहराया, लेकिन सूबे में भाजपा की सरकार बननी तय है।
किसे मिले कितने मत
विधानसभा-बेल्थरारोड
कुल प्रत्याशी-13
कुल मतदाता-357064
कुल पड़े वोट-198650
प्रत्याशी-दल-मिले मत
हंसूराम-सुभासपा-78995
छ्टठू राम-भाजपा-73484
प्रवीण प्रकाश-बसपा-5514
गीता- कांग्रेस-
अखिलेश कुमार-लोजपा (राम विलास)
कुंदन कन्नौजिया-जनलोक विकास पार्टी
रामलाल-जन अधिकार पार्टी
गोपाल-निर्दलीय
गंगा-निर्दलीय
निर्भय-निर्दलीय
बिकाऊ-निर्दलीय
शिमोन प्रकाश-निर्दलीय
शोशीला-निर्दलीय
2017 का चुनाव
धनंजय कन्नौजिया-भाजपा-77504
गोरख पासवान-सपा-59185