दुबहर। पुलिस और खनन विभाग की मिलीभगत से पखवारे भर से रात में बालू लदे ट्रक जनेश्वर मिश्र सेतु से पार कराए जा रहे थे। यूपी से बिहार और बिहार से यूपी आने जाने वाले ट्रकों से दो-दो हजार रुपये की वसूली कर प्रतिदिन 50 से 60 बालू भरे ट्रकों को पास कराया जाता था। वहीं बालू बेचने वाले ट्रैक्टर मालिकों की चांदी कट रही थी। इस तरह की शिकायत के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं की गई तो लोगों ने इसकी शिकायत ग्राम्य विकास एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल से की थी। मंत्री ने बृहस्पतिवार को जब खुद सेतु पर पहुंच कर पूरा खेल देखा तो अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई कराई।
राज्यमंत्री ने जब गुरुवार की रात मौके से बालू लदे ट्रकों से वसूली कर उन्हें पार कराने की शिकायत की तो पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियोें को देख वसूली में लगे पुलिसकर्मी भाग निकले। मामले में एसओ और दो आरक्षियों के निलंबन और 11 को लाइनहाजिर किए जाने की कार्रवाई से हड़कंप मचा है। अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि जनेश्वर मिश्र सेतु पर वसूली कर बालू लदे ट्रकों को पार कराने की सूचना मिलने पर गुरुवार की रात मौके पर पहुंचा तो वहां तीन बाइकें मिलीं। पता चला कि एक बाइक दुबहर थाना के आरक्षी राजू भारद्वाज्र औ मुलायम यादव तथा एक होमगार्ड की है। उपस्थित लोगों ने पुलिसकर्मी आसपास के लोगों से अभद्रता करते हैं और सेतु से ट्रक पार कराने के लिए अवैध वसूली करते हैं। जिनकी बाइक बरामद हुई उनकी यहां पर ड्यूटी नहीं थी। मामले में एसपी ने दुबहर थानाध्यक्ष और दो आरक्षियों को निलंबित कर दिया है। 11 कांस्टेबिलों को लाइन हाजिर किया गया है। होमगार्ड के विरुद्घ कार्रवाई के लिए जिला कमांडेंट को पत्र भेजा गया है।
आवागमन के लिए प्रतिबंधित है जनेश्वर मिश्र सेतु: जनेश्वर मिश्र सेतु पर मालवाहक वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा है। सेतु का एप्रोच मार्ग आधा अधूरा और निर्माणाधीन है। इसके बाद भी पुलिस और खनन विभाग की मिलीभगत से बालू भरे ट्रकों को पैसा लेकर पास कराया जाता रहा। इलाकाई पुलिस एवं 100 नंबर की पुलिस की मदद से रात के अंधेरे में छोटी बड़ी गाड़ियों को इस पार से उस पार पैसा लेकर पार कराने का धंधा कई दिनों से चल रहा था। जबकि एप्रोच बनाने वाली संस्था पीडब्ल्यूडी ने इस मार्ग पर गाड़ियों के परिचालन को पूरी तरह से बंद कराने का निर्देश दिया है। विभाग का कहना है कि अभी अप्रोच का काम तेजी से चल रहा है। इसमें बड़ी वाहनों का इस पार से उस पार जाना एप्रोच मार्ग के निर्माण में बाधा उत्पन्न कर सकता है। बावजूद कुछ पुलिसकर्मी और क्षेत्रीय लोग इस धंधे में लिप्त हैं, जिन्हें गाड़ियों के पास कराने पर कमाई होती है।