जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि तहसील दिवस में आए मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करें। यदि किसी मामले में अनावश्यक विलंब की शिकायत मिली तो उस अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी।
मंगलवार को बैरिया तहसील में आयोजित मुख्य तहसील दिवस पर जिलाधिकारी के सामने कुल 129 मामले आए। जिनमें 16 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। जिलाधिकारी ने बाकी समस्याओं को संबंधित अधिकारी को समय सीमा के अंदर निस्तारण करने को कहा। इस दौरान पचास फीसदी के ज्यादा मामले राशन वितरण और भूमि विवाद के ही रहे।
तहसील दिवस में श्रीनगर निवासी राजेंद्र ने श्रीनगर के जनसेवा केंद्र प्रभारी को जांच में गलत पाये जाने के बाद भी उसके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नही होने की शिकायत की। छपरा सारिव गांव के रामचन्द्र यादव ने प्रधान और सचिव द्वारा फर्जी भुगतान किये जाने संबंधी नौ बिंदुओं पर शिकायत की।
मिश्र के मठिया निवासी विद्यावती देवी ने दबंगों द्वारा रास्ता रोकने की समस्या बताई। बलिहार निवासी अंगुरी बेगम ने शिकायत किया कि दबंगों द्वारा जबरजस्ती उसकी जमीन को जोतवा दिया गया। लक्ष्मण छपरा के रामनाथ यादव ने कोटेदार की शिकायत की।
इसके अलावा तरह-तरह की समस्या तहसील दिवस में आयी। जिलाधिकारी ने एक-एक शिकायकर्ताओं को सुना और संबंधिंत अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण समय सीमा में कर देने का निर्देश दिया। अन्यथा की स्थिति में शिकायत मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। इस अवसर पर एएसपी रामयज्ञ यादव ने पुलिस से सम्बन्धित शिकायतों को सुना। सीएमओ डॉ पीके सिंह, एसडीएम अरविंद कुमार, सीओ टीएन दूबे, बीएसए राकेश सिंह, डीएसओ अनिल यादव, डीपीआरओ राकेश यादव सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।