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सरयू का कहर जारी, 40 घंटे में 8 एकड़ खेत को ले चुकी है आगोश में

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जयप्रकाशनगर क्षेत्र के विद्यार्थी ब्रह्म बाबा के समीप कृषियोग्य भूमि को काटती सरयू नदी की लहरे। - फोटो : BALLIA
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जयप्रकाशनगर। विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के चांददीयर पंचायत में सरयू का कहर जारी है। नदी ने बीते सोमवार को पुरवइया हवा व बारिश के बीच उग्र रुप ले लिया और कटान तेज हो गई। आलम यह है कि 48 घंटों में चांददीयर पंचायत के साथ ही अन्य कई गांवों के किसानों की करीब आठ एकड़ कृषि योग्य भूमि को अपने आगोश में ले लिया है। आसपास के गांवों के लोगों का कहना है कि सरयू नदी की यही स्थिति बरकरार रही तो बीएसटी बांध तक पहुंचने में देर नहीं लगेगी।
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विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत चांददीयर से दक्षिण दिशा की तरफ बीएसटी बांध से करीब दो किमी पूरब दिशा में बहने वाली सरयू नदी पिछले एक सप्ताह से पुरवइया हवा व रुक रुक कर हो रही बारिश के बीच उग्र रूप दिखा रही है। हवा के झोंके से सरयू की लहरें कृषि योग्य भूमि पर प्रहार कर लगातार काट रही है। सरयू चांददीयर मौजा के करीब दो सौ एकड़ जमीन वाला गाटा नंबर 5030 व गाटा नंबर 5036 सहित नंबरों के करीब साठ प्रतिशत किसानों के कृषि योग्य भूमि को आगोश में लेते हुए बीएसटी बांध से करीब 700 मीटर से दूर विद्यार्थी ब्रह्म स्थान के निकट तक पहुंच चुकी है। बीते 48 घंटे में चाददीयर सहित कई गावों के किसानों की करीब आठ एकड़ कृषि योग्य भूमि को अपने आगोश में ले लिया है। लगातार हो रहे कटान को लेकर किसान चिंतित हो गए हैं। किसानों का कहना है कि सरयू का यदि यह रूप बरकरार रह गया तो नदी को बीएसटी बांध तक पहुंचने में बहुत कम समय लगेगा और किसानों की भूमि के साथ साथ बीएसटी बांध को भी निगल सकती है। लेकिन अभी तक इस बात की चिंता किसी भी सरकारी अमले को नहीं है।
पूरी बीएसटी बांध नहीं है सुरक्षित
चाददीयर गांव के प्रधान प्रतिनिधि वीरेंद्र यादव, विश्वनाथ गोंड, राजमहल यादव, परसन सिंह आदि की मानें तो बाढ़ खंड द्वारा कई सालों में बीएसटी बांध को बचाने लिये करोड़ों रुपये खर्च किये जा चुके हैं। इस वर्ष भी किया जा रहा है। वह मात्र उतनी दूरी में बांध को सुरक्षित रख सकता है लेकिन यदि इसके आगे के बांध पर कटावरोधी कार्य नहीं कराया गया तो नदी बांध को आगोश में ले सकती है। बताया जाता है कि विद्यार्थी ब्रह्म बाबा स्थान के सामने बांध पर कभी कार्य नहीं कराया गया है और अगर यहां सरयू ने प्रहार किया तो बांध का बचना मुश्किल होगा।
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कई किसानों के खेत को लगातार काट रही सरयू
सरयू नदी पिछले कई दिनों से कृषि योग्य भूमि को आगोश में ले रही है। गांव के सूचित यादव, विश्वनाथ गोंड, राजकुमार यादव, विशेश्वर सिंह, नाथा यादव, रामकृष्ण यादव, साभा यादव के खेतों को काट रही है। इसी तरह ठेकहां गाव निवासी गौरी चौबे, नागेंद्र नाथ चौबे, श्रीप्रकाश चौबे, रामकुमार चौबे, रमाकांत सिंह, परसन सिंह, विजय सिंह, टोला रिशाल राय निवासी विश्वनाथ सिंह, रामकुमार सिंह, सुरेश सिंह, टोला बाज राय निवासी शिवमंगल सिंह, परशुराम सिंह, बृजबिहारी यादव आदि किसानों की कृषि योग्य भूमि को भी सरयू पिछले कई दिनों से लगातार आगोश में ले रही है।
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