बलिया जिले में एक बाबा की शिकायत पर 30 जून को एक किशोरी बालिका वधू बनने से बच गई। न्यायपीठ बाल कल्याण समिति ने इस बाल विवाह को रोकवा दिया। साथ ही परिजनों को इस बात के लिए राजी भी किया कि 18 वर्ष साल के बाद ही वे बच्ची का विवाह करेंगे।
बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के नवानगर निवासी एक व्यक्ति ने न्यायपीठ बाल कल्याण समिति को सूचना दी कि उनका पुत्र अपनी चौदह वर्षीय पुत्री की शादी बृजेश यादव (48) पुत्र बिहारी यादव निवासी नियाजीपुर, जनपद बक्सर (बिहार) के साथ 30 जून को कर रहा है। बृजेश यादव दूसरी शादी के लिये बरात के साथ आ रहा है।
न्यायपीठ ने बालिका के बाबा के आवेदन पत्र पर तत्काल कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष बांसडीह रोड को नाबालिग होने के दशा में विवाह रुकवाने तथा चाईल्ड लाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला शक्ति केंद्र को बालिका के घर जाकर के काउंसिलिंग करने का निर्देश दिया।
शादी के दिन पूरी टीम बालिका के घर गई और बालिका के साथ ही परिवार की काउंसिलिंग करते हुए उन्हें समझाया कि 18 साल पूरा होने के बाद ही वे उसका विवाह करें। बालिका के माता पिता ने न्यायपीठ के समक्ष प्रस्तुत हो कर शपथ पत्र दिया कि 18 साल उम्र की होने पर ही वे उसकी शादी करेंगे।