बलिया। यास तूफान का असर अभी भी जिले में बना हुआ है। तीसरे दिन शनिवार को भी रुक-रुक कर रिमझिम बारिश होती रही। इसके चलते जहां जनजीवन प्रभावित हो गया है, वहीं सड़कों पर बने गड्ढे में जलभराव के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एनएच 31 पर तो कई जगह जानलेवा गड्ढे बन चुके हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर बने गड्ढे में पानी भर जाने से लोगों का आना-जाना मुश्किल में रहा। उधर, अभी भी जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकी है और 200 से अधिक गांवों में दो दिनों से अंधेरा है। रसड़ा क्षेत्र के पचहुआ गांव में बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई।
लगातार बारिश से नगर के कई मार्गों पर जलभराव व कीचड़ होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर शहर से गुजरे एनएच 31 पर कई जगह बने गड्ढे में जलभराव होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। एनएच 31 पर बहेरी कटहल नाला के दोनों तरफ गड्ढे हैं, जिसमें पानी भर जाने से लोग परेशान रहे। इसके अलावा चित्तू पांडेय चौराहा पर बने गड्ढे में भी जलभराव रहा जिससे आने-जाने वालों को परेशानी रही। इसके अलावा एनएच 31 पर भरौली गांव के सामने बने जानलेवा गड्ढे में जलभराव के कारण लोग जान जोखिम में डालकर आते-जाते रहे।
लोकार्पण के पूर्व ही पुलिया बारिश से हुई क्षतिग्रस्त
रतसर। विकास खंड गड़वार क्षेत्र के जनऊपुर-मसहां संपर्क मार्ग पर जिला पंचायत निधि से बनी पुलिया लोकार्पण के पूर्व ही बारिश में कई जगहों से दरक गई, जिससे गुणवत्ता की पोल खुल गई है। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। क्षेत्र के राधेश्याम पांडेय, पिन्टू पांडेय, बृजमोहन, बब्बन पांडेय ने बताया कि बहुत प्रयास के बाद क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश सरकार में राज्य मन्त्री (स्वतंत्र प्रभार) उपेंद्र तिवारी द्वारा जनऊपुर-मसहां सम्पर्क मार्ग पर पुलिया निर्माण के लिए जिला पंचायत निधि से लाखों रुपये का बजट आवंटित कराया गया था। लेकिन ठेकेदार द्वारा जैसे तैसे पुलिया का निर्माण करा दिया गया, जो चार दिन की बरसात भी नहीं झेल पाया। बताया कि इस पुलिया के बन जाने से मसहां, जगदेवपुर, तपनी, नूरपुर से जिला मुख्यालय तक आसानी से पहुंचा जा सकता था, लेकिन अभी इसका लोकार्पण भी नहीं हुआ और यह कई जगहों से टूट कर मानक की पोल खोल दी। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उक्त पुलिया की जांच कराकर कार्रवाई की जाए।
बारिश के चलते तापमान में गिरावट, सड़कों पर कीचड़ से लोग परेशान
बेल्थरारोड। पिछले चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही बरसात से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, बरसात ने नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों की सूरत बिगाड़ दिया है। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के निचले स्थानों पर जलजमाव से नारकीय स्थिति उत्पन्न हो गई है। साथ ही कीचड़ और फिसलन से लोगों को फजीहत उठानी पड़ रही है। बरसात से नगर व ग्रामीण क्षेत्र के कई स्थानों पर भारी जलजमाव हो गया है। कुंडैल-बहोरवां मार्ग, तरछापार गांव का मुख्य मार्ग, मालगोदाम रोड स्थित जीएमएएम इंटर कॉलेज के सामने, इमिलिया रोड और बस स्टेशन के दोनों मुख्य गेट पर जलजमाव से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निर्माणाधीन चौकिया से मधुबन मार्ग होते हुए तेंदुआ तक लगभग पांच किलोमीटर सड़क पर कीचड़ की वजह से लोगों का आवागमन दूभर हो गया है। बरसात से ग्रामीण क्षेत्रों की नालियां बजबजा रही हैं। नालों की सफाई नहीं होने से जल निकासी की समस्या गंभीर बनी हुई है। रुक-रुक कर हो रही बरसात ने गांवों की सफाई व्यवस्था की पोल खोल कर रख दिया है। कृषि कार्य के लिए वर्षा को अनुकूल माना जा रहा है। किसान धान की नर्सरी डालने के लिए खेतों को तैयार करने के लिए पूरे मनोयोग से जुट गए हैं। नगर के कुछ गलियों में कीचड़ और फिसलन से नारकीय स्थिति उत्पन्न हो गई है।
बिजली गिरने से युवक की मौत
रसड़ा। स्थानीय थाना क्षेत्र के पचहुआ गांव में शनिवार को दिन में बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई। पचहुवा गांव निवासी धर्मेंद्र (28) पुत्र स्व. राजाराम अपने घर के दरवाजे पर बैठा था। उस समय बारिश हो रही थी, कि अचानक बिजली गिरने से वह झुलस गया। परिजन ग्रामीणों की मदद से उसे सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। धर्मेंद्र के मौत जानकारी होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।