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किसानों को राहत, प्रधानमंत्री फसल बीमा को किया गया स्वैच्छिक

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बलिया। अब प्रधानमंत्री फसल बीमा को किसानों के लिए स्वैच्छिक कर दिया है। इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी। अब किसानों की ओर से बीमा लेने पर ही इनके खाते से प्रीमियम की कटौती होती थी। जबकि पूर्व में आच्छादित क्षेत्रों के सभी किसानों के केसीसी खाते से प्रीमियम की कटौती होती थी।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान क्रेडिट कार्डधारक कृषक केसीसी खाते से फसल हेतु ऋण लेते हैं। बैंक द्वारा किसान के ऋण लेते समय ही फसल बीमा की धनराशि अनिवार्य रूप से काट ली जाती थी जबकि संबंधित किसान को किसी प्राकृतिक आपदा होने के बावजूद लाभ नहीं मिलता है। किसानों के पैसे से बीमा के लिए नामित कंपनिया मालामाल होती थी क्षतिपूर्ति देने के समय तरह-तरह के बहाने बनाती थी। इसको देखते हुए सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा को स्वैच्छिक कर दिया है। इसके तहत किसान स्वेच्छा के अनुसार बीमा करा सकते हैं। जो किसान बीमा का लाभ नहीं लेंगे वह बैंक में यह घोषणा पत्र देंगे कि उनके किसान क्रेडिट कार्ड अकाउंट से बीमा के प्रीमियम की धनराशि न काटी जाए। ऐसा घोषणा पत्र देने के बाद बैंक द्वारा संबंधित कृषक के फसल बीमा की प्रीमियम की धनराशि नहीं काटी जाएगी और ऐसे किसान फसल बीमा से आच्छादित नहीं रहेंगे।
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10 फीसदी किसानों को भी नहीं मिलता लाभ
जिले में फसल बीमा के नाम पर बीमा कंपनियों ने किसानों से प्रीमियम लिए लेकिन फसलों की क्षतिपूर्ति देने में हीलाहवाली की। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस कंपनी कार्यरत है। इनके द्वारा खरीफ 2019 में कुल 18 हजार किसानों का बीमा कर प्रीमियम लिया गया। लेकिन आपदा की स्थिति में केवल बीमित 1486 किसानों को ही 3.12 करोड़ रुपए ही क्षतिपूर्ति के रुप भुगतान किया। बीमा कंपनियों ने हर साल करोड़ों का प्रीमियम लेकर अपने को मालामाल किया।
प्रधानमंत्री फसल बीमा को सरकार की ओर से स्वैच्छिक कर दिया गया है। इसका बाबत आदेश भी प्राप्त हो गया है। किसान अपनी इच्छानुसार ही फसल बीमा लेंगे और केवल उन्हें ही प्रीमियम देना होगा।
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- विकेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी, बलिया
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