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ऑनलाइन आवेदन के तीन महीने बाद नहीं मिला राशन कार्ड

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बलिया। प्रत्येक परिवार को राशनकार्ड मुहैया कराने का सरकार ने वादा हकीकत में ठीक इसके उलट है। ऑनलाइन आवेदन करने के तीन महीने बाद भी किसी को नया राशन कार्ड उपलब्ध नहीं हो पाया है। इतना ही नहीं, राशन कार्ड से पात्र लोगों का नाम भी काट दिया जा रहा है। अब नाम जुड़वाने के लिए लोग जिलापूर्ति कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
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पूर्ति विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जिले में मानक के अनुसार यूनिट पूरा हो चुका है। जांच के दौरान यूनिट कटने पर ही नया राशनकार्ड बन सकता है लेकिन नया राशनकार्ड किसी को उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। शहर से सटे माल्देपुर निवासिनी रुक्मिणी देवी ने मई में राशनकार्ड के लिए आवेदन किया था। दोबारा जुलाई में ऑनलाइन आवेदन किया। फिर भी राशन कार्ड उपलब्ध नहीं हो सका। वह पूर्ति कार्यालय का चक्कर काट रही है। इसी तरह, सोहांव गांव निवासी शांति यादव ने एक साल में तीन बार राशनकार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया लेकिन अभी तक इनका राशनकार्ड नहीं बन सका है। बीते तीन माह में कुल 3045 लोगों ने राशनकार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है लेकिन किसी को भी नया राशनकार्ड नहीं मिल सका है। यही नहीं, जिले में हर महीने औसतन 150 से 200 राशनकार्ड रिजेक्ट कर दिए जाते हैं और इससे अधिक संख्या में राशन कार्डों से यूनिट कम कर दिए जाते हैं।
दो माह में ही कट गए 25 हजार 551 राशनकार्ड
बलिया। अंत्योदय के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार हर महीने अनाज का आवंटन होता है। इस माह जिले में अंत्योदय के कुल 101341 और पात्र गृहस्थी के 485696 समेत कुल 587037 कार्डधारक हैं। जबकि दिसंबर 2020 में कुल राशनकार्ड की संख्या 612588 थी। इसमें अंत्योदय के 101681 और पात्र गृहस्थी के 510907 थे। इस तरह दो माह में ही 25551 कार्डधारक के कार्ड रद कर दिए गए।
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बचे हैं 87271 यूनिट लेकिन फिर भी मनमानी
बलिया। जिले में वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर ही राशनकार्ड बनाने का काम किया जा रहा है। जिले में कुल जनसंख्या 3239558 के सापेक्ष कुल 315199 यूनिट के अन्त्योदय और 2130966 यूनिट के पात्र गृहस्थी राशनकार्ड बने हैं। एनएफएसए के तहत जनसंख्या के 79.56 फीसदी कुल 2533436 यूनिट के कार्ड बनने चाहिए जबकि अब तक 2446165 यूनिट के कार्ड बने हैं। अधिकारियों का दावा है कि कुल 98 फीसदी यूनिट पूरे हो चुके हैं। जबकि अभी जिले में कुल 87271 यूनिट बचे हैं।
राशनकार्डों के आधार लिंक का कार्य चल रहा है। सत्यापन में अपात्र पाए जाने पर राशन कार्ड निरस्त किए जाते हैं। यही स्थिति अंत्योदय में भी है और पात्रों का चयन कर राशन कार्ड आवंटित किया जाता है। जनगणना के अनुसार, यूनिट नाममात्र का बचा है। इसके चलते नए राशनकार्ड जारी करने में दिक्कत हो रही है। जल्द ही व्यवस्था सुधर जाएगी। - केजी पांडेय, डीएसओ, बलिया
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