बैरिया (बलिया)। रेल विभाग कोविड 19 के नाम पर यात्रियों की सुविधाओं में काफी कमी कर दिया है, जबकि किराए में दो से तीन गुना तक वृद्धि की गई है। यही नहीं, एक बार फिर कोरोना संक्रमण को बढ़ते देख रेल प्रशासन ट्रेनों में एसी की सुविधाएं बंद करने की तैयारी में जुटा हुआ है।
कोरोना काल में कई महीनों तक रेल का संचालन ठप कर दिया गया। फिर कुछ ट्रेनों को स्पेशल ट्रेन का नाम देकर ट्रेनों का संचालन शुरू भी किया गया तो सुविधाओं को बंद कर दिया गया और किराए में वृद्धि कर दी गई। अब एक डेमू ट्रेन का संचालन भी शुरू हुआ तो पूर्व में जहां न्यूनतम किराया 10 रुपये था तो अब न्यूनतम किराया 30 रुपये रखा गया है। यहां तक कि प्लेटफार्म टिकट भी 30 रुपये में मिल रहा है।
दैनिक यात्रा करने वाले यात्रियों की एमएसटी सुविधा भी बंद कर दी गई है। मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की जनरल बोगी में यात्री साधारण टिकट लेकर यात्रा कर लेते थे। वहीं अब 2 एस बोगी नाम देकर साधारण बोगी में भी बैठने के लिए आरक्षित टिकट दिया जा रहा है। वहीं, ऐसी बोगी की खिड़कियों से पर्दा तो हटाने के साथ ही यात्रियों को पूर्व में बेडसीट, चादर, कंबल, तकिया, तौलिया देने की सुविधा भी कोरोना संक्रमण के नाम पर बंद है। जबकि दूरदराज यात्रा करने वाले यात्रियों के किराए में 25 से 30 फीसदी बढ़ोत्तरी कर दी गई। इसके अलावा, रेल विभाग ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए किराए में मिलने वाली रियायत भी देना बंद कर दिया है, जबकि उन्हें वरिष्ठ नागरिक का सीट दिया जा रहा है।
हद तो यह है कि लोकल यात्रा करने वाले यात्रियों को भी कम से कम एक दिन पूर्व टिकट लेना पड़ रहा है और अगर नोरूम हो गया है तो टिकट भी मिलना नामुमकिन है। अधिवक्ता अवधेश तिवारी, मृत्युंजय पांडेय, राजेश यादव, अरुण सिंह आदि ने नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि पहले ही रेल विभाग यात्री सुविधाओं में कटौती कर दिया है, रेल किराया बढ़ा दिया है और अब एसी की सुविधा हटाने पर विचार उचित नहीं है।
सुरेमनपुर के स्टेशन अधीक्षक एलपी वर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से कुछ सुविधाएं कम हुई हैं। किराए में भी वृद्धि हुई है, लेकिन एसी की सुविधा बंद होने को लेकर कोई सूचना अभी नहीं मिली है।