बलिया। सरकारी स्कूल, कॉलेजों के साथ-साथ अब अनुदानित (एडेड) कॉलेजों को भी बेहतर करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। इसके लिए प्रोजेक्ट अलंकार योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत जिले के मात्र दो कॉलेजों ने ही आवेदन किया था। बाद में मैचिंग ग्रांट देने से इंकार करने से मामला अधर में लटक गया है। जबकि संस्कृत विद्यालयों में से एक भी आवेदन नहीं किया गया है। ऐसे में डीआईओएस ने सभी कॉलेजों निर्देश दिए हैं जल्द से जल्द वह आवेदन करें अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
शासन की ओर से अभी तक सिर्फ सरकारी कॉलेजों के लिए प्रोजेक्ट अलंकार को संचालित किया जा रहा था, लेकिन उसमें बदलाव करते हुए एडेड कॉलेजों को भी उसमें शामिल किया। पहले इसमें एडेड कॉलेजों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा था, पर बाद में शासन इस अनुदान को बढ़ाकर 75 प्रतिशत कर दिया था। ऐसे में कॉलेज को अपने पास से महज 25 प्रतिशत ही धनराशि कॉलेज के सुधार करने के लिए लगानी है। बाकी 75 प्रतिशत धनराशि शासन अपने पास से देगा। बावजूद इसके मात्र जिले से इंटर कॉलेज, जमालपुर और सुदिष्टपुरी इंटर कॉलेज ने ही आवेदन किया था। बाद में उनके द्वारा भी 25 फीसद मैचिंग ग्रांट देने से मनाही कर दी गई। जिससे एडेड स्कूलों के कायाकल्प की योजना अधर में अटक गई है। इसके अलावा, 23 अनुदानित संस्कृत विद्यालयों में अब तक एक ने भी योजना के तहत आवेदन नहीं किया है।
ऐसे में डीआईओएस रमेश सिंह ने सभी 92 एडेड कॉलेजों के प्रबंधकों को पत्र लिखकर कहा कि कॉलेज के विकास निधि खातों में जो धनराशि हो, उसके सापेक्ष आवेदन करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए। अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
32 राजकीय विद्यालयों ने किया है आवेदन
जिले के 32 राजकीय विद्यालयों द्वारा पूर्व में ही प्रोजेक्ट अलंकार के तहत ऑनलाइन आवेदन कर दिया है। इनके द्वारा प्राप्त आवेदनों को विभाग द्वारा जांच कराई जा रही है। साथ ही कार्यदाई संस्था पैक्सफेड के प्रस्ताव की भी जांच की जा रही है।