बैरिया। छपरा-बलिया-गाजीपुर और छपरा-बलिया-मऊ रेलवे रूट पर चलने वाली तीन जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन आज तक शुरू नहीं किया गया है। इससे यात्रियों को असुविधा हो ही रही है। रेल विभाग को भी हर माह लाखों रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा है। पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन शुरू न होने की वजह से सुरेमनपुर, बलिया आदि स्टेशनों पर लगे स्वचालित टिकट मशीन शोपीस बने हुए हैं। ऐसे में उक्त मशीन का दर्जनों संचालकों का रोजगार छीन गया है।
कोरोना काल में संपूर्ण लॉकडाउन के समय सभी ट्रेनों का परिचालन ठप कर दिया गया था। एक-एक करके सभी एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों को स्पेशल ट्रेन के रूप में चला दिया गया है। छपरा से वाराणसी, वाराणसी सिटी और मऊ तक चलने वाली तीन जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हुआ है। छपरा से औड़िहार को जाने वाली पैसेंजर (05135/05136) छपरा-वाराणसी पैसेंजर (055013/055014), छपरा-वाराणसी सिटी पैसेंजर (055131/055132) और छपरा-मऊ पैसेंजर (05501/055018) कुल चार जोड़ी सवारी गाड़ियों का संचालन डेढ़ वर्ष पहले तक संपूर्ण लॉकडाउन से पहले होता था। उक्त पैसेंजर ट्रेनों के सापेक्ष रेल प्रशासन ने छपरा-वाराणसी का संचालन शुरू किया है। तीन जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हुआ है। इससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि एक्सप्रेस व मेल ट्रेनों के साधारण डब्बों में कोरोना काल से पूर्व साधारण टिकट पर यात्रा करने की व्यवस्था दी गई थी। अब मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के साधारण बोगी को भी 2एस का आरक्षित कोच बना दिया गया है। उक्त ट्रेनों में साधारण टिकट पर यात्रा वर्जित है। ऐसे में यात्रियों को परेशान होना स्वाभाविक है। यही नहीं, पैसेंजर ट्रेनों के टिकट के लिए स्टेशनों पर स्वचलित टिकट मशीन लगाई गई थी। उक्त मशीनें स्टेशन पर शोपीस बनी हुई हैं। मशीनों के संचालक का रोजगार छीन गया है। रेल विभाग का भी लाखों रुपये का हर रोज नुकसान हो रहा है।
छपरा से बलिया होते हुए औड़िहार, वाराणसी और छपरा से बलिया होते हुए मऊ तक चलने वाली चार जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों के सापेक्ष एक जोड़ी पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू हो गया है। तीन जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें जिसका परिचालन अब भी ठप है, उक्त ट्रेनों का परिचालन शुरू करने की फिलहाल कोई सूचना प्राप्त नहीं है। - एलपी वर्मा, अधीक्षक, सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन