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गड्ढायुक्त सड़कें पहले से ही थीं खस्ताहाल, बारिश ने कर दिया और बदहाल

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बलिया। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश से जलभराव के कारण शहर से से ग्रामीण क्षेत्र तक पहले से खस्ताहाल सड़कों की सूरत बदहाल हो चुकी है। कई मार्गों पर चलना भी दूभर हो गया है। सड़कों को गड्ढामुक्त और उन्हें संवारने के दावे तो कई किए गए, लेकिन सभी प्रस्ताव सरकारी फाइलों की शोभा बढ़ा रहे हैं।
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मौसम के मिजाज में पिछले 48 घंटे से आए बदलाव के बाद दो दिनों तक रुक-रुक हुई बारिश के चलते नगर की कई सड़कों की सूरत बिगड़ चुकी है। शहर के कई मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन जाने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगर के गुजर रहे एनएच-31 पर एससी कॉलेज चौराहा के पास तीन दिनों से जलभराव होने से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग पर बने गड्ढों में लोग गिरकर रोजाना घायल हो रहे हैं। नगर के मिड्ढी-काजीपुरा-एससी कॉलेज चौराहा मार्ग, श्रीरामबिहार कालोनी, जापलिगंज, मिश्रा कालोनी, टैगोर नगर, आनंद नगर, कलेक्ट्रेट कालोनी आदि की हालत काफी खराब हो गई है। शहर की सड़कों की हालत सुधारने और नाले के निर्माण के लिए 20 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, लेकिन यह अभी तक प्रस्ताव तक ही सीमित है।
सड़कों पर चला भी हुआ दूभर
चौकिया मोड़। सरकार का गड्ढामुक्त सड़क का दावा खोखला साबित हो रहा है। क्षेत्र की अधिकांश सड़कें जर्जर हाल में हैं। सीयर-सोनाडीह मार्ग, कुंडैल ढाला-बासपार बहोरवा मार्ग, अखोप चट्टी-बेल्थरारोड मार्ग, हल्दीरामपुर चट्टी से धरहरा बहुता चक उपाध्याय-चंदाडीह मार्ग, हल्दी रामपुर गांव के नरला करनी-जमुआव नहर मार्ग, चंदाडीह किशोरगंज बिहराहरपुर विशुनपुरा होते नगरा मार्ग, फरसाटार-शाहपुर तेलमा जमालुद्दीनपुर सड़क मार्ग की दशा अत्यंत दयनीय है। इन सड़कों से गुजरने वाले राहगीरों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। चौकिया मोड़ से बिल्थरारोड नगर होते हुए देवेंद्र डिग्री कालेज तक 4.225 किमी मुख्य सड़क का लगभग सात माह होने के बावजूद अभी भी कार्य जारी है।
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रेवती-हरिहां मार्ग की हालत खराब
रेवती। उत्तर टोला पुल से पश्चिमी क्षेत्र के दर्जन भर गांवों को जोड़ने वाला रेवती-हरिहां मार्ग की हालत पहले से ही खराब थी। लगातार बरसात ने इन सड़कों की दशा और भी बदतर कर दी है। इस मार्ग पर जगह-जगह जलभराव के कारण लोगों के चलने तथा दो पहिया वाहनों को निकालने में भारी दिक्कतें उठानी पड़ती है। नगर रेवती ब्लॉक कार्यालय के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, इंटर कालेज-डिग्री कालेज, बाजार के अलावा रेलवे स्टेशन को आवागमन करने वाली हजारों की आबादी इस सड़क से गुजरती है। जर्जर सड़कों पर गिरने के कारण आए दिन लोग चोटिल होते रहते हैं।
बनी रहती है हादसे की आशंका
बैरिया। बरसात के चलते क्षेत्र के अधिकांश सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। आधा दर्जन सड़कों के पानी मे ंडूब जाने के कारण लोगों के आवागमन में घोर असुविधा हो रही है। हमेशा अनहोनी की आशंका बनी रहती है। दुबे श्रीनगर-दलछपरा मार्ग, छड़ी-रेवती मार्ग, नारायणगढ़-श्रीनगर मार्ग, झरकटहा-भाखड़ मार्ग, इब्राहिमाबाद-टोला नेका राय मार्ग, नवका टोला-सीवनटोला मार्ग, पचरुखिया-रेवती मार्ग की यही हालत है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या के समाधान की मांग की है।
मरम्मत के पांच साल भी नहीं चलीं सड़कें
जयप्रकाश नगर। एनएच-31 बैरिया मांझी मार्ग स्थित बलराम सिंह के डेरा से धतुरी टोला मार्ग का 1983 में बनवाया गया था। इसकी विशेष मरम्मत वर्ष 2016-17 में करीब आठ लाख की लागत से हुई। पांच वर्ष बीतते ही जर्जर हो चली है। जिन्न बाबा स्थान से खवासपुर गांव तक 5. 265 किमी तक का विशेष मरम्मत का कार्य वर्ष 2015 में 140.85 लाख की लागत से करवाया गया। अभी पांच वर्ष भी पूरा नहीं हुआ कि जर्जर स्थिति में है। बैरिया-मांझी मार्ग पर स्थित चांददीयर चौराहे से बकुल्हा रेलवे स्टेशन जाने वाले संपर्क मार्ग का मरम्मत कार्य करीब दो किलोमीटर की दूरी में करीब 10 वर्ष पूर्व हुआ था। बकुल्हा रेलवे स्टेशन जाने के लिए इस तरफ से दर्जनों गांवो के लोग इस मार्ग से यात्रा करते हैं।
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