फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाल हटवाने के लिए पहुंचा पुलिस-प्रशासन, गोताखोरों से खुलवाया

विज्ञापन
विज्ञापन
मंगई नदी की धारा को अवरुद्ध कर मछली मारने के लिए लगाए गए करकट व जालों को एसडीएम सदर और सीओ सदर ने स्थानीय थाना पुलिस की मदद से खुद खड़ा होकर हटवाया। आधा दर्जन से अधिक मछली मारने वाले जालों को खुलवा कर सभी मछुआरों को चेताया कि नदी की धारा को रोक कर मछली मारने का प्रयास न करें ,नहीं तो उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। नदी का जाल खुलते ही नदी का जल प्रवाह काफी बढ़ गया। इसे देख कर किसानों में प्रसन्नता है।
विज्ञापन

मंगई नदी में बैरिया से लेकर सोनवानी के बीच में एक दर्जन से अधिक जगहों पर व्यवसायिक तरीके से नदी को बांधकर मछली मारने का कार्य किया जा रहा था। इससे नदी के माध्यम से निकलने वाले खेतों में पानी जमा हुआ है। हजारों हेक्टेयर खेतों में समय से बुआई न हो पाने का खतरा मंडराने लगा है। गाजीपुर और बलिया जिले के करीब 10 हजार एकड़ खेत पर आज भी जलजमाव है। गाजीपुर जिले के लटठूडीह में इसे लेकर धरना-प्रदर्शन चल रहा है। इसे लेकर रविवार को जिला प्रशासन भी सक्रिय दिखाई दिया। एसडीएम सदर जुनैद अहमद, सीओ सदर जगवीर सिंह चौहान, नरही थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह, चितबड़ागांव थाना प्रभारी निहार नन्दन कुमार दलबल के साथ कैथवली गांव के बड़ौरा गांव के पास मगई नदी में पास पहुंचे। गोताखोरों के माध्यम से जाल खुलवाया।14 अक्टूबर को गाजीपुर जिले के सैकड़ों किसानों ने दौलतपुर पुल के पास लगाएं गए जाल को लेकर दौलतपुर गांव के किसान संजय सिंह से मारपीट कर ली थी। किसानों का आरोप है कि मगई नदी में जाल लगाने से पानी का निकास धीमी गति से हो रहा है। वहीं, मछुआरों कह कहना है कि टोंस नदी में जब-तक पानी कम नहीं होगा मगई नदी का पानी नीचे जाने वाला नहीं है। मगई नदी रामपुर गांव के पास टोंस नदी में मिलती है। और नदी हसनपुरा गांव के पास गंगा में मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें