बलिया। ठंड अब अपना असर दिखाने लगी है। धीरे-धीरे शीतलहर का प्रकोप तेज हो गया है। पूरे दिन आसमान में बादल व देर तक कोहरा और धुंध होने से लोग बेहाल हैं। उधर, अभी तक किसी भी गांव में असहायों के लिए तो न तो सरकारी कंबल पहुंच और न ही अलाव ही जलाए गए। हालांकि कुछ जनप्रतिनिधियों की ओर से जरूर कंबल वितरण किया गया है। पिछले कुछ दिनों से ऊपर चढ़ा न्यूनतम तापमान भी तीन डिग्री गिरकर नौ पर पहुंच गया। शनिवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा।
पिछले एक सप्ताह से मौसम में उतार-चढ़ाव होता रहा और मंगलवार की शाम को बारिश के बाद से ही आसमान में बादल, धुंध है। पिछले पांच दिनों से मौसम की बेरुखी के कारण पांचवें दिन शनिवार को पूरे दिन धूप नहीं निकली और शीतलहर का प्रकोप रहा। कई इलाकों में सुबह में घने कोहरे के साथ धुंध भी काफी देर तक रहा। शनिवार को तो दोपहर बाद से गलन भरी ठंड के चलते लोग बेहाल रहे। पूरे दिन मौसम की बेरुखी से लोग घरों से बाहर निकलने से बचते रहे। बहुत जरुरी होने पर ही लोग घरों से बाहर गर्म कपड़ों को पहन कर निकलेे। उधर, ठंड से असहायों को बचाने के लिए सभी तहसीलों को ग्रामीण इलाकों में कंबल वितरण के लिए छह लाख व अलाव जलवाने के लिए 50 हजार की धनराशि शासन ने उपलब्ध कराई है। लेकिन अधिकांश गांवों में सरकारी कंबल व अलाव की गर्मी नहीं पहुंच सका है। इसके चलते असहायों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर जहां-तहां गांव के ही लोग व्यवस्था कर अलाव जलाने का काम कर रहे हैं।
उधर, लगातार मौसम खराब होने से किसानों की भी चिंता बढ़ गई है। दो दिन हुई हल्की बारिश से फसलों को लाभ तो मिला। लेकिन अब लगातार ठंड फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है। किसानों की मानें तो अभी तक बारिश से भी फसलें गेहूं, जौ के साथ सरसों, तीसी व दलहनी के मसूर, चना, मटर, अरहर को काफी लाभ पहुंचा लेकिन धूप नहीं निकलने से फसलों में कीट लगने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा आसमान में बादल व धुंध से सरसो पर माहू का प्रकोप होने से पैदावार प्रभावित होगी। यह मौसम खासकर सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंचाने लगा है। आलू पर झुलसा रोग लगने लगा है।
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लगातार मौसम खराब होने के कारण दलहनी व तिलहनी के साथ सब्जी की फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव सकता है। किसानों को इन फसलों में छिड़काव तत्काल करना चाहिए।
- विकेश कुमार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, बलिया