जिला अस्पताल के ओपीडी कक्ष संख्या चार में मरीजो का उपचार करते चिकित्सक। संवाद
बलिया। बृहस्पतिवार को छुट्टी होेने के बावजूद जिला अस्पताल में ओपीडी 12 बजे तक चली। ओपीडी में 1317 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इमरजेंसी में 24 घंटे में गंभीर हालत के 123 मरीज पहुंचे। लो बीपी के 40 फीसदी मरीज रहे। मरीजों की भीड़ होने से दवा काउंटर एक बजे के बाद बंद हुआ। पांच घंटे में 1218 मरीजों को दवा दी गई।
मौसम में बदलाव हो रहा है। सुबह व शाम के समय सिहरन रहती है। ऐसे मौसम में थोड़ी सी लापरवाही सांस, अस्थमा व एलर्जी के मरीजों की दिक्कत बढ़ा दे रही है। फिजिशियन डॉक्टर पंकज झा ने बताया कि मौसम बदलने से सांस व एलर्जी के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। एलर्जी के मरीजों को सर्दी-जुकाम, नाक से पानी, गले में खराश, आंख में खुजली की समस्या हो रही है। ऐसे मौसम में सावधानी बरतनी चाहिए। मरीजों की संख्या ज्यादा होने से एक मरीज को जांच कराने और दवा लेने में आधे घंटे से ज्यादा का समय लग रहा है।
सीएमएस डॉ. एसके यादव ने कहा कि अस्पताल में सभी प्रकार की दवाएं व जांच निशुल्क है। सांस के मरीजों की संख्या बढ़ने पर सभी वार्डों में ऑक्सीजन सिलिंडर के अलावा कंसंट्रेटर मशीन उपलब्ध है। जिला अस्पताल के बाल रोग ओपीडी में 230 से ज्यादा बच्चों को इलाज के लिए लेकर परिजन पहंुचे। मौसम के बदलाव से सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीज आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके उपाध्याय ने बताया कि सर्दी-जुकाम को हल्के में न लें। जुकाम होेने के बाद गांव व या मेडिकल स्टोर से दवा लेकर सेवन से सीने में जकड़न की परेशानी बढ़ रही है। माता-पिता बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। ठीक होने में ज्यादा समय लग रहा है। मौसम को देखते हुए सुबह शाम बच्चे को हल्का गर्म कपड़ा पहनाएं, रात में पंखा या कूलर न चलाएं।
अस्पताल में मरीजों की भीड़ ज्यादा होने की वजह से दवा काउंटर पर भी लोगों की लंबी लाइन लगी रही। सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक लोगों को चार काउंटर से दवाओं का वितरण किया गया। इस दौरान 1218 मरीजों ने दवा ली। सीएमएस ने बताया कि मरीजों के हिसाब से दवाओं का स्टाॅक है। दवाओं को लेकर कोई समस्या नहीं है। मरीजों की सुविधाओं के लिए पूरा ख्याल रखा जा रहा है।