बलिया। कोविड-19 से बचाव के लिए लोगों का टीकाकरण के लिए प्रति रुझान बढ़ा है। इसलिए अस्पतालों में टीका लगवाने के लिए भीड़ उमड़ रही है। भीड़ के कारण कोविड-19 से बचाव के लिए जारी गाइड लाइन का हर कदम में मखौल उड़ाया जा रहा है। एक-दूसरे पर चढ़ कर लोग किसी तरीके से टीका लगवाना चाह रहे हैं। व्यवस्था में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस वजह से आपाधापी की स्थिति बन रही है।
जिला अस्पताल स्थित ट्रामा सेंटर में टीकाकरण केंद्र पर मंगलवार को लोगों की भारी भीड़ एकत्र हो गई। नतीजतन सोशल डिस्टेसिंग तार-तार होती नजर आई। लोग पहले टीका लगाने के लिए बेताब दिखे। जिला अस्पताल स्थित ट्रामा सेंटर में टीका लगाने के लिए दो केंद्र स्थापित किए गए हैं। एक पर 18 से 45 वर्ष के लिए और दूसरे पर 45 वर्ष से ऊपर वालों को टीका लगाया जा रहा है। दोनों केंद्रों पर मंगलवार को दो-दो सौ लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य था। इनमें 18 प्लस वाले 170 और 45 प्लस वाले 330 लोगों को टीका शाम पांच बजे तक लगाया गया। इस प्रकार 500 लोगों को टीका लगाया गया। इस बाबत नोडल अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह ने बताया कि टीका लगवाने के प्रति लोग जागरूक हुए हैं। इसका नतीजा है कि प्रत्येक टीका केंद्र पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। अभी और जागरूक करने की आवश्यकता है। कहा कि टीका लगवाने से डरे नहीं, बल्कि निडर होकर टीका लगवाएं।
दूसरी डोज के लिए काट रहे चक्कर
रसड़ा। शासन की ओर से सभी को वैक्सीन उपलब्ध कराने की घोषणा फलित होती नहीं दिख रही है। 45 प्लस के एक डोज वैक्सीन लगवा चुके लोग दूसरी डोज लगवाने के लिए अस्पतालों का चक्कर लगाकर लौटने लगेे हैं। वैक्सीन के अभाव में कई जगहों पर वैक्सीनेशन का कार्य रोक दिया गया है। कोटवारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी वैक्सीन के अभाव में वैक्सीनेशन रोक दिया गया है। कोटवारी निवासी जयराम पासवान और इरशाद अहमद ने कहा कि हम लोगों का वैक्सीन लगाने का डेट एक जुलाई ही था। कई जगह गए, लेकिन वैक्सीन के अभाव में वापस लौट आए। अमहर गांव में वैक्सीन की कमी होने पर लोगों ने जमकर हंगामा किया। तत्काल वैक्सीन उपलब्ध कराने की मांग की है।