मानसून आने में मात्र 20 दिन शेष बचे हैं इसी बीच आए ताउते तूफान के बाद गंगा के जलस्तर में अचानक वृद्धि का क्रम शुरू हो गया है। इस बीच यास तूफान की आहट से बाढ़ विभाग के हाथ-पांव फूलने शुरू हो गए हैं। वर्तमान में गंगापुर से लेकर चौबे छपरा के बीच तक तीन ठोकरों का निर्माण चल रहा है। ठोकर के नोज की तलहटी से गंगा के अंदर 15 मीटर तक ईसी बैग की जाली में डालकर प्लेटफार्म बनाना है। लेकिन मंद गति से कार्य चलने के कारण गंगापुर ढाले के समीप 6 मीटर ईसी बैग पड़ा है। आलम यह है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण जो भी ईसी बैग पानी में डाला जा रहा है उसका कहीं अता पता नहीं चल रहा है। जिससे बाढ़ विभाग और ठेकेदारों को भय है कि यास तूफान से गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई तो उनके किए कराए पर पानी फिर सकता है।
गंगा के मुहाने पर बसे बनिया टोला, सोनार टोला, सुघर छपरा के लोगों का आरोप है कि बाढ़ बिभाग जानबूझकर कार्य में तेजी नहीं ला रहा है। चाहता है कि गंगा का जलस्तर बढ़ जाए। अगर ऐसा नहीं होता तो जब गंगा का जलस्तर काफी नीचे था उसी समय अन्य कामों को छोड़कर विभाग पहले गंगा की तलहटी से 15 मीटर की दूरी तक ईसी बैग वाला काम भी अब तक पूरा करा लेता। क्योंकि काम शुरू हुए करीब दो माह बीत गए हैं लेकिन ठेकेदार तलहटी में ईसी बैग डालने के बजाय अन्य काम में अपना समय खपाते रहे। गंगापुर डागरा के समीप 6 मीटर ही गंगा की तलहटी में ईसी बैग डाला गया। इसी बीच पानी बढ़ने के कारण ईसी बैग डालने के बाद कहीं पता नहीं चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार बाढ़ विभाग के पास पर्याप्त समय था, लेकिन उनकी लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो गई है।
बता दें कि इस बार करीब 30 करोड रुपये की लागत से गंगापुर डगरा से लेकर चौबे छपरा तक तीन स्पर व लांचिंग, पिचिंग, अप्रन के साथ बोल्डरों से नौ लेयर तक करीब 200 मीटर की लंबाई में प्लेटफार्म बनाना है। सबसे बड़ी बात है कि इतने बड़े प्रोजेक्ट का कार्य चल रहा है और बाढ़ विभाग का कोई भी जिम्मेदार अफसर मौके पर रहकर कार्य नहीं करा रहा है। लोगों का कहना है कि इसी तरह मंद गति से कार्य चलता रहा तो 30 जून तो दूर 30 जुलाई तक भी कार्य पूरा नहीं हो सकता।
चार घंटे में एक सेमी बढ़ रही गंगा
केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर 49.210 मीटर दर्ज किया गया है। साथ ही चार घंटे में एक सेमी का बढ़ाव जारी है।
तटवर्ती गांव के लोगों में दहशत
रामगढ़ गंगा के मुहाने पर बसे ग्राम सभा गोपालपुर के पुरवा दुबे छपरा, उदई छपरा गोपालपुर के ग्रामीणों का कहना है कि इस बार हम लोगों का गांव गंगा के मुहाने पर है। गांव का कुछ हिस्सा गत वर्ष गंगा की लहरों में कट भी गया लेकिन बाढ़ विभाग की लापरवाही के कारण ना तो इन गांवों को बचाने का प्रोजेक्ट ही बनाया गया और ना ही कोई कार्य कराया जा रहा है। इससे भय बना हुआ है कि अगर इस साल बाद आया तो हम लोगों के गांव का अस्तित्व समाप्त हो सकता है।
कामों में तेजी लाने के लिए ठेकेदारों को निर्देश दे दिया गया है। अगर कोई भी ठेकेदार काम में लापरवाही करता है या मानक के अनुरूप कार्य नहीं कराता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। हर हाल में 15 जून से पहले कार्य पूर्ण करने को कहा गया है।
- संजय कुमार मिश्र, अधिशासी अभियंता, बाढ़ विभाग, बलिया