बलिया। अब तक दो राज्यों में राशन कार्ड बनवा कर कोटे की दुकान से खाद्यान्न उठाने वालों की खैर नहीं है। सरकार ने ऐसे लोगों को चिह्नित करते हुए उनके राशन कार्ड रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 300 कार्ड रद्द भी किए गए हैं।
जिले के 35 हजार लोग यूपी के साथ-साथ दूसरे प्रदेशों में भी राशन ले रहे हैं। आधार नंबर ट्रेस कर एनआईसी लखनऊ ने ऐसे लोगों की सूची तैयार की है। ये सूची जिला आपूर्ति विभाग को उपलब्ध कराई गई है। जांच के बाद पूर्ति विभाग इनके राशन कार्डों को निरस्त कर रहा है। इन कार्डो की जांच कर उन्हें निरस्त करने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी ने 25 टीमें गठित की है, जो शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इंटर स्टेट डुप्लीकेसी कर दो प्रदेश से राशन उठाने वाले लोगों के कार्ड जांचने में जुट गई है। निकाय क्षेत्र में एपीओ और टैक्स इंसपेक्टर राशन कार्डों की जांच करेंगे। जबकि गांवों में एडीओ और संबंधित पंचायतों के सचिव को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। बीते माह छह अक्तूबर को खाद्य तथा रसद आयुक्त पी गुरु प्रसाद ने पत्र लिखकर दो राज्यों में राशन बना कर खाद्यान्न उठाने वाले कार्डधारकों को चिह्नित कर उनका राशन कार्ड निरस्त करने का निर्देश दिया था। डाटा की डुप्लीकेसी को समाप्त करने के उद्देश्य से बने सेन्ट्रल रिपॉजिटरी ने जिले में 35 हजार डुप्लीकेट राशनकार्ड पाया था।
इन इलाकों में मिले हैं इंटर स्टेट राशन कार्ड
बलिया। शासन द्वारा जारी सूची के मुताबिक बलिया नगर पालिका क्षेत्र में 639, रसड़ा नपा में 56, सिकंदरपुर नपं 124, मनियर नपं 72, रेवती नपं 124, सहतवार नपं 86, बेल्थरारोड नपं 82 और नगर पंचायत में 109 इंटर स्टेट डुप्लीकेसी के राशन कार्ड चिह्नित हुए हैं। इसके अलावा गड़वार ब्लॉक में 1097, सोहांव में 1236, बेलहरी में 1064, हनुमानगंज 1112, दुबहड़ में 1018, रसड़ा में 855, चिलकहर में 1213, नगरा में 1811, सीयर में 3230, पंदह में 1234, नवानगर में 1134, मनियर में 962, बेरुआरबारी में 798, बांसडीह में 987, रेवती में 980, मुरली छपरा में 1630 और बैरिया विकास खंड में 2128 इंटर स्टेट डुप्लीकेसी के राशन कार्ड पाए गए हैं।
एनआईसी लखनऊ से प्राप्त सूची में जिले के 35 हजार लोग जिले के साथ दूसरे प्रदेशों में भी राशन ले रहे हैं। ऐसे नामों का सत्यापन कर तत्काल डिलीट करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। - कृष्ण गोपाल पांडेय, जिलापूर्ति अधिकारी