बलिया। भारतीय स्टेट बैंक की शाखाओं में जीरो बैलेंस पर विद्यालय के मध्याह्न भोजन निधि के नाम से इंप्लीमेंटिंग अकाउंट खोलने वाले बेसिक और माध्यमिक स्कूलों को ही एमडीएम योजना का लाभ दिया जाएगा। सितंबर माह तक संबंधित विद्यालयों को खाता खुलवा लेने तथा इसकी सूचना बीआरसी पर उपलब्ध कराने को कहा गया है।
अधिकारियों ने भी एमडीएम से आच्छादित परिषदीय, राजकीय, अशासकीय व सहायता प्राप्त स्कूलों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसके लिए बैंक को भी निर्धारित तिथि के अंदर ब्लॉकवार कैंप लगाने को पत्र लिखा गया है। जनपद में वर्तमान में परिषदीय माध्यमिक, राजकीय, मदरसा, समाज कल्याण की ओर से संचालित संस्थाओं को मिलाकर कुल 2355 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना संचालित हो रही है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान स्कूल बंद रहने के बावजूद छात्रों को समय से इस योजना के तहत आए धन का लाभ नहीं मिल पाया था। अलग-अलग बैंकों में विभिन्न विद्यालयों का खाता होने से भी कई दिक्कतें सामने आईं। कुछ जगहों पर बैंकों की लापरवाही के चलते भी समय से छात्रों का समय से पैसे नहीं पहुंच पाया।
शासन स्तर से होगी अब खाते की मॉनिटरिंग
जिला समन्वयक एमडीएम अजीत पाठक ने बताया कि एसबीआई में खाता खुलवाने वाले विद्यालयों को ही अब इस योजना का लाभ दिया जाएगा। विद्यालयों के खाते में अप्रैल माह से अगस्त तक कुल 94 दिन की प्रतिदिन के हिसाब से निर्धारित धनराशि भेजी जानी है। शासन स्तर से ही एसबीआई में खाता खोलने वाले विद्यालयों की मानीटरिंग होगी।
एमडीएम से आच्छादित सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त व संस्कृत विद्यालयों को जीरो बैलेंस पर एसबीआई शाखा में मध्याह्न भोजन निधि के नाम से इंप्लीमेंटिंग अकाउंट का खाता खोलने का निर्देश दिया गया है। - अजीत पाठक, डीसी, एमडीएम