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अब बिना ट्रेनिंग ई-रिक्शा चालकों को नहीं मिलेगा लाइसेंस

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बलिया। शहर में जाम का कारण बनने वाले ई-रिक्शा चालकों को अब बिना ट्रेनिंग के लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे। शासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, ई-रिक्शा चालकों को परिवहन विभाग से संचालित मोटर ट्रेनिंग स्कूलों में 10 दिन का प्रशिक्षण लेना पड़ेगा। प्रशिक्षण के बाद ही उन्हें लाइसेंस दिए जाएंगे। हालांकि विभाग का कहना है कि यह प्रशिक्षण ई-रिक्शा डीलर की ओर से भी दिया जा सकता है।
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वर्तमान समय में शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा की भरमार है। अप्रशिक्षित हाथों में ई-रिक्शा की कमान होने के कारण यह लगातार शहर में जाम का कारण बन रहे हैं। इस समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शासन की ओर से ई-रिक्शा चालकों को भी ट्रैफिक नियमों के प्रति ट्रेंड करने का निर्णय लिया गया है, ताकि ट्रैफिक नियमों की जानकारी पाकर वह शहर की यातायात व्यवस्था में सहायक बन सकें। एआरटीओ संतोष कुमार ने बताया कि अब ई-रिक्शा चालकों को परिवहन विभाग की ओर से बनाए गए मोटर ट्रेनिंग सेंटरों पर ट्रेनिंग कराई जाएगी। जनपद में सात मोटर ट्रेनिंग स्कूल संचालित हैं। ट्रेनिंग के बाद ही उनको ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा। लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को 10 दिन की ड्राइविंग ट्रेनिंग के साथ ही व्यवहारिक ज्ञान भी लेना होगा।
इसका लेना होगा प्रशिक्षण
बलिया। ट्रेनिंग के दौरान ई-रिक्शा चालकों को यातायात नियम, सिग्नल, लाइट, रोड मार्किंग, चौराहों को पार करने के तरीके आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी। यात्रियों के साथ सौम्य व्यवहार को लेकर उनको जानकारी दी जाएगी, ताकि यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं हो। इसके साथ ही ई-रिक्शा पर आपातकालीन नंबरों को भी दर्ज कराना होगा, ताकि हादसा होने के समय इन नंबरों की सहायता ली जा सके।
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बने रहते हैं जाम का कारण
बलिया। नगर में ई-रिक्शा की शुरुआत होने से लोगों को अत्यधिक किराया और प्रदूषण से तो मुक्ति तो मिल गई लेकिन अब ई-रिक्शा वाले ही लोगों के लिए सिरदर्द बन गए हैं। स्टेशन के बाहर, पुलिस बूथ के सामने ही ई-रिक्शा वाले सड़क पर ही बेतरतीब वाहन खड़ा कर सवारी उठाने लगते हैं। इसके अलावा, ई-रिक्शा चालक स्टेशन, चित्तू पांडेय चौराहा, जगदीशपुर चौराहा पर स्टैंड की भांति वाहन खड़ा कर सवारी उठाते हैं। ठीक से वाहनों के न चलाने से जाम तो लगता ही है आए दिन मारपीट भी होती रहती है।
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