बलिया सीएमओ के बयान से नाराजगी।
- फोटो : ANI
बलिया में निर्भया के गांव में चौथे दिन भी अस्पताल की दुर्व्यवस्थाओं को लेकर धरना जारी रहा। सीएमओ के बर्ताव से गांव वालों में गुस्सा है। निर्भया के पिता ने मुख्य चिकित्साधिकारी को संवेदनहीन बताते हुए उनकी बर्खास्तगी की मांग की है। दिल्ली गैंगरेप की शिकार निर्भया के गांव में बने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरों की अनुपस्थिति को लेकर रविवार से गांव के लोग धरने पर बैठे हैं।
इसकी जानकारी होने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया पीके मिश्रा ने मंगलवार को गांव के अस्पताल गेट पर धरना दे रहे लोगों से बात की। इसी दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अश्वनी कुमार पांडेय से निर्भया पर गलत टिप्पणी कर बैठे। निर्भया के पिता ने अमर उजाला से मोबाइल पर बात की और कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बिटिया पर गलत टिप्पणी करने के लिए तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए।
बिटिया के बाबा ने कहा कि सीएमओ का बयान अत्यंत ही निंदनीय है, शासन को इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। गांव के लोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर नहीं होने के कारण चार दिन से धरने पर बैठे हैं और मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। यह दर्शाता है कि सीएमओ की मानसिकता क्या है।
समाजसेवी अश्वनी कुमार पांडेय ने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीके मिश्रा ने जो मेरे साथ जो व्यवहार किया, वह अशोभनीय है। उन्हें सजा मिलनी चाहिए। जब तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर नहीं नियुक्त हो जाते तब तक गांव वालों का धरना जारी रहेगा। इस मौके पर बृज बिहारी पटेल, धीरेंद्र नाथ पांडेय, विनीत प्रजापति, वंशीधर राय, भुवनेश्वर, सर्वजीत, बसंत, सुरेश आदि लोग मौजूद थे।