Ballia News: नक्सली के परिजनों से टीम बातचीत कर रही थी। अन्य गतिविधियों की जानकारी करने के लिए दो मोबाइल फोन व सिम कार्ड भी जब्त किया। टीम ने मृतक सोहन सिंह के परिजनों से घटना की बाबत एक-एक बिंदू पर जानकारी ली। नक्सलियों की ओर से फेंके गए खून से सने पर्चे की छायाप्रति व अन्य जानकारी जुटाई। टीम सहरसपाली गांव में घंटों जमी रही। सुरक्षा को लेकर स्थानीय थाना की फोर्स तैनात रहे।
एनआईए लखनऊ की तीन सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को सोहन सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी और एक लाख का इनामी नक्सली राजकुमार वर्मा की गिरफ्तारी के लिए दो नक्सली ठिकानों पर छापा मारा। इसकी खबर लगते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई।
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इस दौरान टीम ने उनके परिजनों से आवश्यक पूछताछ कर मौके से दो मोबाइल व दो सिम को कब्जे में लिया। टीम जिले में घंटों जमी रही।
सदर कोतवाली के सहरसपाली गांव में दो नवम्बर 2008 को सोहन सिंह की कुछ लोगों ने हत्या कर दी थी। हत्याकांड के बाद खून से लिखे पर्चे फेंक कर नक्सलियों ने हत्याकांड की जिम्मेदारी ली थी। इसकी खबर लगते ही प्रशासन में खलबली मच गई थी।
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जांच-पड़ताल के दौरान गांव के कई घरों से नक्सलियों के हथियार, वर्दी, बम सहित अन्य सामग्री मिली थी। हत्या में 18 लोग नामजद हुए थे। हत्यारोपियों के तार बिहार के नक्सली संगठन से जुड़ने पर प्रशासन के होश उड़ गए थे। कई माह तक इसकी जांच चलती रही। जिले में नक्सलियों की पहली घटना थी।
पुलिस ने 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जो अब विभिन्न जेलों में हैं। हत्याकांड का मुख्य आरोपी राजकुमार वर्मा उसी समय से फरार है। पुलिस ने उस पर एक लाख का इनाम घोषित किया है। 16 वर्ष से फरार मुख्य आरोपी राजकुमार की गिरफ्तारी के लिए एनआईए की टीम ने सहरसपाली में राजकुमार व संतोष वर्मा के घर पहुंची। संतोष की पत्नी से आवश्यक जानकारी ली।