फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं सुधर रही अस्पताल की व्यवस्था

Tue, 03 May 2016 10:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
विज्ञापन
hospital
विज्ञापन
 प्रदेश सरकार के करोड़ों खर्च करने के बाद भी जिला अस्पताल की हालत में सुधार होते नहीं दिख रही है। जिला अस्पताल में कई सीएमएस बदले, लेकिन  व्यवस्था में तनिक भी सुधार नहीं हुआ। मरीजों को शुद्ध पानी के नाम पर  बाजार के बोतल बंद पानी का ही सहारा लेना पड़ रहा है।
विज्ञापन


वहीं बेडों की हालत  भी बेहद खराब है। फटेहाल बेड पर ही मरीजों को दर्द झेलना पड़ रहा है। यही  नहीं मरीजों की सुविधा के लिए लगाया गया लिफ्ट एक दशक बाद भी चालू नहीं हो  सका है। जिला अस्पताल में मरीजों को जरूरी चीजें भी उपलब्ध नहीं हो पा  रही है।

बेड पर पड़े गद्दे काफी पुराने हो चुके हैं। फटेहाल गद्दों को  बदलने की जहमत अस्पताल प्रशासन उठाने की तत्परता नहीं दिखा रहा है। बेडों  के चादरों के लिए भी मरीजों को काफी प्रयास करना पड़ता है। इसके लिए आये  दिन विवाद की स्थिति भी उत्पन्न होती रहती है।  जिला अस्पताल में चौबीस  घंटे बिजली की आपूर्ति की जाती है। बावजूद इसके मरीजों को इस भीषण गर्मी  में पंखे की हवा तक मयस्सर नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन


इन वार्डो के पंखे हैं खराब या है ही नही
जिला  अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो अस्थि रोग वार्ड के छह पंखे, शल्य  चिकित्सा वार्ड में पांच, बच्चा वार्ड में 11, मेडिकल व बर्नवार्ड में  एक-एक पंखा खराब है। साथ ही साथ वार्ड के गलियारे के दो पंखे भी खराब चल  रहे हैं। यही नहीं स्टाफ रूम में भी पंखा व लाइट बहुत दिनों से खराब है।

  बिजली की आपूर्ति के बाद भी खराब व्यवस्था के चलते मरीज और स्टाफ दोनों  भीषण गर्मी में परेशानी झेल रहे हैं। जिला अस्पताल की बेड क्षमता बढ़ाने के लिए नये भवन का निर्माण करीब एक दशक  पहले किया गया था।

नये भवन में कार्डियों के मरीजों के उपचार के लिए भी  व्यवस्था बनाई गई थी। लेकिन कार्डियो विभाग अभी तक चालू नहीं हो सका है।  यही नहीं मरीजों को वार्ड में शिफ्ट करने के लिहाज से नये अस्पताल भवन में  लिफ्ट भी लगाई थी, लेकिन लिफ्ट को चालू नहीं कराया जा सका है। जबकि लिफ्ट  और कार्डियो विभाग को चालू कराने का आश्वासन सीएमओ डा.पीके सिंह द्वारा कई  बार दिया गया।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें