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Ballia News: नाबालिगों चला रहे ई-रिक्शा, सवारियों की जान पर संकट

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बलिया। जिले में छह हजार से अधिक ई-रिक्शा का संचालन हो रहा है। इसमें शहर में 2500 से अधिक चल रहे हैं। 360 से अधिक रिक्शा का संचालन नाबालिग कर रहे हैं। ये खुद के साथ दूसरे की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। संगठन की ओर से ई-रिक्शा के सत्यापन के दौरान रिक्शा मालिकों को नाबालिग चालक न रखने के हिदायत पदाधिकारी दे रहे हैं। उसके बावजूद कोई असर नहीं हो रहा है। यातायात विभाग कार्रवाई के नाम पर ई-चालान कर खानापूर्ति कर रहा है।
जनपद में बेतहाशा बढ़ते ई-रिक्शा यातायात व आमजन के लिए मुसीबत बनते जा रहे है। सड़कों पर वाहन के आढ़े-तिरछे पार्किंग के अलावा नाबालिग और अनट्रेंड युवाओं के ई-रिक्शा चलाने के कारण अक्सर जाम और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। खासकर माल्देपुर-चित्तुपाण्डेय, बहादुरपुर व कदम चौराहा में सबसे अधिक यह समस्या देखने को मिलती है। स्टेशन-मालगोदाम, स्टेशन-चित्तू पाण्डेय चौराहा के अलावा जगदीशपुर, रोडवेज तिराहा, जिला अस्पताल रोड जैसे इलाके में लोग जाम में फंसे रहते हैं। बिना लाइसेंस और यातायात नियमों से अंजान नाबालिग जिधर जगह मिली उधर सवारी लेकर चले जाते हैं। गली-गुच्चों से लेकर हर तरफ ई-रिक्शा पार्क कर देते हैं। किसी को टोकने पर गाली गलौज व मारपीट करने को उतारू हो जाते हैं। इनकी संख्या दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है। इस पर अंकुश लगाने के लिए विभाग की ठोस कार्रवाई न होने से सवारियों व राहगीरों के जान पर बन रही है।
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नाबालिग व अनट्रेंड चालकों को ई-रिक्शा चलाने के लिए देना गलत है। सड़क दुर्घटना होने पर मालिक पर मुकदमा होगा। सड़क पर नाबालिग चालक दिखने पर विभाग ई-चालान करता है। वाहन मालिकों व चालकों को लगातार जागरूक किया जाता है। -समद खां, यातायात निरीक्षक।
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