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कई गांव छोड़ने को हैं तैयार कई मूंछ मुड़वाने को

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बलिया /जयप्रकाश नगर। विधान सभा चुनाव के छठे चरण का मतदान जिले में संपन्न हुआ। लेकिन अब सातों विधानसभा में मतदाता प्रत्येक चट्टी चौराहों पर सहित गांवों में हो रही बैठकी के दौरान अपने-अपने चहेते के वोटों की गणना कर जितने का दावा कर रहे है। जबकि बलिया के सातों विधान सभा क्षेत्रों के कुल 82 उम्मीदवारों के भाग्य ईवीएम में बंद हो चुके है। 10 मार्च को ईवीएम के खुलने के बाद किसका भाग्य खुलता है। अब उसका इंतजार हो रहा है। लेकिन हर विधान सभा क्षेत्र में जीत-हार की गंवई वादे काफी तेजी में चल रहे हैं।
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मतदान के अगले दिन शुक्रवार से ही बैरिया विधान सभा क्षेत्र से लेकर बांसडीह, बलिया नगर और फेफना विधान सभा क्षेत्र की चुनावी चर्चा जगह जगह खूब जोरों पर चल रही है, लेकिन जीत-हार को लेकर आपस में तल्ख बहस भी काफी विश्वास के साथ है। जीत के प्रति आश्वस्त समर्थक यह शर्त भी लगाते दिखे कि फलां यदि नहीं जीते तो वह गांव छोड़ देंगे। अपना चेहरा नहीं दिखाएंगे। हंसी-मजाक के बीच कुछ इस अंदाज में भी जीत का दावा कर भी कर रहे हैं कि यदि फलां यदि नहीं जीते तो वह अपनी मूंछ मुड़वा लेंगे। गांव व शहर में पुन: पुराना माहौल बनना शुरू हो गया है। सड़कों पर हर दिन की तरह वाहन भी रफ्तार भरते दिख रहे हैं। बैरिया विधान सभा क्षेत्र के लालगंज बाजार में कुछ लोग एक दुकान पर बैठे मिले। वहां की चर्चा में चाय की एक दुकान पर मतदाता त्रिकोणीय लड़ाई की बात कर रहे थे तो वहीं कुछ लोगों का मानना था कि लड़ाई योगी बनाम अखिलेश के नाम है। जबकि वहीं किसी तीसरे व्यक्ति ने वीआईपी पार्टी की जीत का दावा भी मजबूती से करते हुए दिख रहा था। बसपा के समर्थक भी खुद को कमजोर नहीं मान रहे थे। वहीं बांसडीह विधान सभा क्षेत्र के सहतवार में भी सपा व भाजपा के समर्थक अपने प्रत्याशी की जीत के प्रति आश्वस्त थे। सड़क पर बाइक से जा रहे एक युवक दीपक शर्मा से पूछने पर बताया कि बांसडीह की लड़ाई इस बार भी कांटे की है। मतदान के दौरान हर बूथ पर भाजपा व सपा के कार्यकर्ता टकराते रहे। ऐसे में जीत किसकी होगी कहना थोड़ा मुश्किल है। बलिया नगर विधान सभा के शहर में कुंवर सिंह चौराहे पर 10 की संख्या में युवा खड़े चाय की चुस्की लेते हुए चुनावी चर्चा करते रहे। उनसे बात करने पर राजू सिंह भाजपा की जीत के प्रति आश्वस्त थे, जबकि हरि यादव सपा की सरकार बनते देख रहे थे। यहां मौजूद राजा चौबे ने कहा कि इस सीट पर भी लड़ाई कांटे की है। अभी जीत-हार का फैसला करना उचित नहीं है। फेफना बाजार में सुनील सिंह, नंदलाल सिंह, सुदर्शन यादव, जयशंकर यादव आदि ने कहा कि मतदान के बाद भी इस सीट की स्थिति स्पष्ट नहीं है। हां इतना जरूर है कि अनुसूचित जाति के मतदाता सपा या भाजपा में जिधर वोट दिए होंगे, जीत उसी की होगी, लेकिन यहां से बसपा के उम्मीदवार भी अपना वोट बिखरने नहीं दिए हैं। कई स्थानों पर राजनीतिक गणित का ज्ञान रखने वाले जातिगत संख्या के आधार पर भी जीत हार का फैसला करते दिखे।
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