बलिया। अपर सत्र न्यायाधीश रामकृपाल की अदालत ने दुष्कर्म कर हत्या करने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी पर दोष साबित पाया। खालिद अंसारी पुत्र शमीम अंसारी निवासी इसरी सलेमपुर को आजीवन कारावास और 20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
वादी ने थाना नगरा पर आवेदन दिया था कि 31 मार्च 2016 को विद्यालय आया तो देखा कि कक्ष संख्या एक जिसका दरवाजा बंद नहीं होता है, में खिड़की के पास एक अज्ञात महिला का शव पड़ा है। गले में साड़ी खिड़की के छड़ से बंधी हुई थी। महिला की शिनाख्त की कोशिश की गई, लेकिन नहीं हुई। थाना नगरा पर एफआईआर दर्ज हुई। विवेचक ने अभियुक्त खालिद अंसारी उर्फ झगड़ु निवासी इसरी सलेमपुर के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या का आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
अभियोजन की तरफ से प्रस्तुत साक्ष्यों के सम्यक परिशीलन और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद खालिद पर दोष साबित पाया। दंड के बिंदु पर सुनवाई में सहायक शासकीय अधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत किया कि महिला के साथ दुष्कर्म करके उसकी हत्या की गई है। सिद्ध दोष को क्रूरतम बताते हुए कठोर दंड से दंडित किए जाने की मांग की। अभियुक्त खालिद अंसारी को आजीवन कारावास से दंडित किया गया। अर्थदंड की राशि को वसूल कर मृतका के पुत्र दी जाएगी।