बलिया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमितपाल सिंह की आदालत ने हत्या के मामले में दो आरोपियों के खिलाफ दोष साबित पाया। नरेंद्र निवासी पावपट्टी खास थाना करीमुद्दीनपुर जनपद गाजीपुर और बिन्दु देवी निवासी सकरा थाना हलधरपुर मऊ को आजीवन सश्रम कारावास और 15 हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
बबलू राजभर निवासी पावपट्टी खास थाना करीमुद्दीनपुर जिला गाजीपुर की बहन की शादी नागेंद्र निवासी ग्राम चकरा थाना हलधरपुर, मऊ के साथ हुई थी। बहन बिंदू अपने बच्चों शिवांगी और आयुष के साथ उसके घर आई थी। 11 मई 2022 को बिंदू ने भाई से कहा कि उसे रसड़ा तक पहुंचा दें। वहां से ससुराल चली जाएगी। बबलू ने बहन और उसके दोनों बच्चों को रसड़ा तक छोड़ दिया। शाम को बहनोई नागेंद्र के मोबाइल पर फोन करके पर पता किया तो पता चला की बहन और बच्चे नहीं पहुंचे हैं।
बबलू उनकी खोजबीन करता रहा। पता चला कि बिंदू और बच्चों को नरेंद्र ने अपनी ममेरी बहन सुमन पत्नी कल्लू राजभर निवासी कटाया थाना कोतवाली रसड़ा के यहां रखा है। बबलू 29 मई को ओमप्रकाश, अमित कुमार निवासी ग्राम पांवपट्टी खास के साथ ग्राम कटया गया। वहां बहन बिंदू और उसका पुत्र आयुष मिला। पुत्री शिवांगी नहीं मिली। शिवांगी के बारे में पूछा तो बिंदू ने बताया कि शिवांगी को नरेंद्र पुत्र शिवजी कहीं लेकर गया है। खोजबीन की लेकिन पता नहीं चला। नागेंद्र ने शिवांगी की हत्या करके उसकी लाश को गायब करने के आरोप में तहरीर पुलिस को दी। नरेंद्र उर्फ लाल राजभर और अपनी पत्नी बिंदू देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।